
(कटक,भुवनेश्वर): महानदी बस दुर्घटना मामले में नया मोड आया है। पहले जहां दुर्घटना की वजह बस के रास्ते में भैंस आना माना जा रहा था वहीं अब एक नई बात निकल कर सामने आई है। हादसे के कारणों की जांच करने दुर्घटना स्थल पर पहुंची तीन सदस्यीय टीम ने प्रथम दृष्टया जाँच में ड्राइवर को लापरवाही का दोषी पाया। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है। जांच टीम में मोटर व्हिकल इंस्पेक्टर, एनएच अधिकारी व जगतपुर थाना के पुलिस इंस्पेक्टर हैं।
मालुम हो कि बस दुर्घटना 20 नवम्बर को देर शाम हुई थी। हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे। जख्मी लोगों का इलाज अभी भी चल रहा है। ड्राइवर की हालत भी नाजुक बताई जा रही है। बस तालचेर अंगुल से कटक आ रही थी।
जांच दल के सदस्य ने बताया कि ड्राइवर इस बस को चलाने के लिए दक्ष नही था। यह बस 2016 में आरटीओ में रजिस्टर्ड हुयी थी। ड्राइवर 30 किलोमीटर प्रतिघन्टा की गति से ही चला सकता था। पूल की पुराणी रेलिंग भी वजह हो सकती है। पत्रिका संवाददाता ने जख्मी ड्राइवर से बात की तो उसने बताया कि रास्ते में आई भैंस को बचाने के चक्कर में यह हादसा हुआ। हादसे के अन्य संभावित तकनीकी कारणों पर भी टीम जाँच कर रही है। टीम अपनी रिपोर्ट स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को सौपेंगी।