
Kotia Dispute: ओडिशा के कोटिया क्षेत्र को लेकर जारी सीमा विवाद के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधारा और दलगत मतभेदों से ऊपर उठकर ओडिशा के हितों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विवादित कोटिया क्षेत्र में आंध्र प्रदेश की ओर से स्थानीय निकाय चुनाव कराने की हालिया कोशिशों के बाद तनाव फिर बढ़ गया है।
कोटिया विवाद को लेकर राज्य में कांग्रेस, बीजू जनता दल (BJD) और बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए कहा कि कोटिया ओडिशा और ओडिया लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे राज्य की संप्रभुता और अखंडता से जुड़ी पहचान बताते हुए कहा कि लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद चिंता का विषय है। उनके मुताबिक, इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि वह अप्रैल 2018, फरवरी 2019 और अप्रैल 2023 में व्यक्तिगत रूप से कोटिया गांव का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आंध्र प्रदेश के हस्तक्षेप और सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए उन्होंने पहले भी संबंधित नेताओं को पत्र लिखे थे। प्रधान के अनुसार, उन्होंने 18 नवंबर 2020 और 31 अक्टूबर 2022 को ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक को पत्र लिखकर कार्रवाई का अनुरोध किया था। इसके अलावा, 22 सितंबर 2021 को आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी को भी पत्र भेजा था।
प्रधान ने कहा कि इस क्षेत्र से जुड़े विवादों को सुलझाने में राजनीतिक नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने संवाद के जरिए सौहार्दपूर्ण माहौल तैयार करने और समाधान तक पहुंचने की जरूरत पर जोर दिया। उनके मुताबिक, बातचीत और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का रास्ता निकाला जा सकता है।
धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा की भौगोलिक सीमाओं की रक्षा के लिए योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों का भी उल्लेख किया। उन्होंने उत्कल गौरव मधुसूदन दास, उत्कलमणि गोपबंधु दास और व्यास कवि फकीर मोहन सेनापति के समर्पण और बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान व्यर्थ नहीं जाएगा। प्रधान ने कहा कि ओडिया अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ओडिशा की एकता और अखंडता की सुरक्षा करना सभी लोगों की सामूहिक जिम्मेदारी है।