14 जुलाई से निकलने वाली रथयात्रा को लेकर समन्वय समिति की बैठक टल जाने से प्रशासन की पेशानी पर बल पड़ रहे हैं...
महेश शर्मा की रिपोर्ट...
(भुवनेश्वर): सेवायतों के बहिष्कार के कारण श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता वाली समन्वय समिति की बैठक स्थगित हो गयी। पुरी विशेष सरकिट हाउस में होने वाली यह बैठक अब 2 जुलाई के बजाय 6 जुलाई को होगी। महाप्रभु के छत्तीस नियोग के सेवायतों की मान मनवार की जा रही है।
सरकार का कहना है कि रथयात्रा को राजनीति से अलग रखकर तैयारी की जानी हैं। श्रीमंदिर में कुप्रबंध और चाबी खोने की घटना को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी रविवार को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को आड़े हाथों लिया था। इसी 14 जुलाई से निकलने वाली रथयात्रा को लेकर समन्वय समिति की बैठक टल जाने से प्रशासन की पेशानी पर बल पड़ रहे हैं।
यह है सेवायतों की नाराजगी का कारण
सेवायतों ने जिला कलक्टर अरविंद अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। ताजा मामला राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की पत्नी सविता कोविंद के साथ अनुचित व्यवहार का था। इसमें सेवायतों पर ठीकरा फोड़ा गया था पर जब कोविंद के प्रेस सचिव ने ऐसी किसी घटना से इंकार करते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन से कोई शिकायत नहीं भेजी गयी। तब जाकर श्रीमंदिर प्रशासन के सांस में सांस में आई। पर तब तक सेवायतों के रोष फैल गया था। राष्ट्रपति के प्रेस सचिव का बयान आने के बाद तो सेवायत और भी बिफर पड़े। उनका कहना है कि प्रशासन और सरकार मिलकर देश दुनिया में सेवायतों को बदनाम करने का षड़यंत्र कर रहे हैं।
यह बोले बीजद प्रवक्ता
बीजद प्रवक्ता प्रताप केसरी देव का कहना है कि श्रीमंदिर के कामकाज और रथयात्रा की तैयारी में राजनीति को बीच में नहीं लाना चाहिए। यह श्रद्धालुओं की आस्था के सवाल से जुड़ा मामला है। प्रताप ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को सलाह देते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ से जुड़े मामलों को अगर वह राजनीति में घसीटेंगे तो महाप्रभु खुद ही उन्हें जल्द जवाब देंगे। रत्न भंडार की चाबी प्रकरण पर जरूरी कदम उठाए जा चुके हैं। चाबी प्रकरण पर शाह नाहक निशाना न
साधे।