ओडिशा विधानसभा का मॉनसून सत्र शुक्रवार को फिर विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। पेट्रोल-डीजल व एलपीजी के दामों में बढ़ोत्तरी, ब्लाक के स्कूलों के शिक्षकों की हड़ताल को लेकर कांग्रेस और भाजपा विधायकों ने बीजद सरकार को घेरा
(महेश शर्मा की रिपोर्ट)
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा का मॉनसून सत्र शुक्रवार को फिर विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। पेट्रोल-डीजल व एलपीजी के दामों में बढ़ोत्तरी, ब्लाक के स्कूलों के शिक्षकों की हड़ताल को लेकर कांग्रेस और भाजपा विधायकों ने बीजद सरकार को घेरा। कांग्रेस ने सरकार पर केंद्र की मोदी सरकार से जुगलबंदी का आरोप लगाया और कहा कि तमाम समस्याएं तो इस वजह से हैं कि नवीन पटनायक सरकार की नरमदिली केंद्र की ओर है। नवीन पटनायक सरकार सीबीआई से भयभीत है। दूसरी तरफ सत्ता दल बीजद के विधायकों ने पेट्रोल और डीजल दाम बढ़ोत्तरी पर हंगामा किया।
शिक्षकों की हड़ताल 20 दिनों से जारी
बीते 20 दिनों से राज्य में चल रही शिक्षकों की हड़ताल पर कांग्रेस और भाजपा का एक ही रुख था। सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय यह कह दिया कि स्कूल से अनुपस्थित शिक्षकों का वेतन काटा जाएगा। सरकार के बयान से भड़के शिक्षकों ने विधानसभा घेरने की धमकी दी। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उनकी सहानुभूति हड़ताली शिक्षकों के साथ है। उन्होंने मुख्यमंत्री पटनायक से अपील की है कि शिक्षकों की समस्या का समाधान निकालें। ब्लाक ग्रांट आल ओडिशा टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले हड़ताल जारी है। नेता प्रतिपक्ष नरसिंह मिश्र ने कहा कि आंदोलन को अलोकतांत्रिक तरीके से नहीं हल किया जा सकता है। कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव लाएगी।
बीजू जनता दल का राज्यव्यापी प्रदर्शन
बीजू जनता दल ने पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ोत्तरी पर शुक्रवार को सुबह दो घंटे तक सभी जिलों व शहरों के सार्वजनिक स्थल पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन बीजू छात्र सभा और बीजू महिला सभा के बैनर तले हुआ। कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और प्लेकार्ड बैनर लेकर केंद्र सरकार विरोधी नारेबाजी करते रहे। भुवनेश्वर में प्रदर्शन का नेतृत्व मेयर अनंत कुमार जेना ने किया। बीजू जनता दल का प्रदर्शन का सिलसिला 9 सितंबर तक चलता रहेगा।