ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोरापुट से सांसद सप्तगिरि शंकर उलाका ने कहा- जब विधेयक लोकसभा में पेश किया गया था, तब वे वहां मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इस बिल पर सरकार की मंशा शुरू से ही संदिग्ध थी। सप्तगिरि शंकर उलाका ने कहा कि विधेयक 2023 में लगभग सर्वसम्मति से पारित हुआ था, केवल 2 सदस्यों ने इसका विरोध किया था। बाद में यह कानून बन गया। उलाका ने पूछा कि जब 2023 में कानून लागू हो गया तो सरकार को राजपत्र अधिसूचना जारी करने में देरी क्यों हुई? सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को इस कानून की अधिसूचना जारी की। आखिर सरकार को राजपत्र अधिसूचना जारी करने में 3 साल क्यों लग गए?