मालूम हो कि किसानों की यह जनसत्याग्रह पदयात्रा 29 अक्टूबर से शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि राज्य के 36 लाख किसानों को पेंशन देने की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा...
(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने भुवनेश्वर के पास डेरा डाल रखा है। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारी किसानों को राजधानी में घुसने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए कई गिरफ्तारी भी की जा रही है। किसानों को रोकने और गिरफ्तारी से नाराज किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि किसानों को राजधानी में प्रवेश नहीं दिया गया तो विधाकयकों—मंत्रियों को भी किसान अपने क्षेत्रों में घुसने नहीें देंगे।
नव निर्माण किसान संगठन के संयोजक अक्षय भाई ने धमकी दी कि मांगें न मानी गईं तो किसान चुनाव का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने गिरफ्तारियों की निंदा करते हुए कहा कि पुलिस ने किसानों के साथ अमानवीय व्यवहार किया। लाठियां चटकायी और सड़क घसीट-घसीटकर वाहन तक ले गए। कई किसानों और महिलाओं को चोटें आईं। उन्होंने कहा कि सरकार यदि किसानों को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में नहीं घुसने देंगे तो किसान भी उनके विधायकों मंत्रियों को नहीं घुसने देंगे। मालूम हो कि किसानों की यह जनसत्याग्रह पदयात्रा 29 अक्टूबर से शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि राज्य के 36 लाख किसानों को पेंशन देने की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
समिति गठित
उधर सरकार ने किसानों की मांगों को वित्तमंत्री शशिभूषण बेहरा की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर दी है जिसमें कृषि मंत्री, पंचायत राज मंत्री, सहकारिता मंत्री सदस्य होंगे। बेहरा का कहना है कि उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे बातचीत के लिए आएं। बातचीत के रास्ते हमेशा खुले हैं।