मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ओडिशा में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र (इको सिस्टम) को बढ़ावा देने और युवाओं के बीच नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को ओडिशा स्टार्टअप यात्रा और स्टार्टअप एक्सप्रेस 2023 की शुरुआत की।
भुवनेश्वर
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ओडिशा में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र (इको सिस्टम) को बढ़ावा देने और युवाओं के बीच नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को ओडिशा स्टार्टअप यात्रा और स्टार्टअप एक्सप्रेस 2023 की शुरुआत की। इस अभियान का लक्ष्य 260 से अधिक संस्थानों के 25 हजार से अधिक छात्रों को जोडऩा है। तीन दिवसीय स्टार्टअप यात्रा के दौरान चुने गए 50 विचार आमंत्रित किये जाएंगे। जिनमें से शीर्ष 25 विचारों को राज्य सरकार के स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर ओ-हब में आमंत्रित किया जाएगा। जिनमें से 10 को अपने विचारों को व्यवहार्य स्टार्टअप उद्यमों में विकसित करने के लिए तीन लाख रुपये की सीड फंडिंग दी जाएगी। वहीं स्टार्टअप एक्सप्रेस 2023 के अंतर्गत शीर्ष 20 विचारों को अंतिम पिचिंग के लिए आमंत्रित किया जाएगा। जिनमें से 10 विचारों को इन युवा छात्रों को प्रोत्साहित करने और उनकी उद्यमशीलता की भावना का निर्माण करने के लिए 10 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्रही पटनायक ने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर के नवप्रवर्तकों की खोज करना, स्कूल और कॉलेज के छात्रों के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देना है। राज्य सरकार ओडिशा में एक संपन्न स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
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वर्ष २०२५ तक पांच हजार स्टार्टअप का लक्ष्य
राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ओडिशा सरकार ने वर्ष 2025 तक राज्य में सरकारी सहायता पाने वाले स्टार्टअप की संख्या बढ़ाकर पांच हजार करने का लक्ष्य रखा है। सोमवार को शुरू हुई यात्रा की अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए, चार अत्याधुनिक वाहन शामिल किए गए हैं। ओडिशा सरकार ने वर्ष 2016 में ओडिशा स्टार्टअप नीति तैयार की है। जिसका उद्देश्य मौजूदा और महत्वाकांक्षी स्टार्टअप के लिए समग्र और समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। राज्य को देश के शीर्ष स्टार्टअप केंद्रों में से एक के रूप में स्थापित करना और ओडिशा के युवाओं को नौकरी-प्रदाता बनने और रोजगार सृजन में सक्षम बनाना है। अभी राज्य सरकार अपनी स्टार्टअप नीति के सहारे 1700 से ज्यादा अधिक स्टार्टअप का समर्थन और सुविधा प्रदान कर चुकी। जिनमें से छह सौ से ज्यादा स्टार्टअप का नेतृत्व महिला निदेशक, संस्थापकों और सह-संस्थापकों ने किया है। राज्य में स्टार्टअप ने अब तक 15 हजार से ज्यादा रोजगार सृजित किए हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में स्टार्टअप्स ने 350.42 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है।