
(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): राज्य सरकार के निर्देश पर भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण ने एक सितंबर से प्लास्टिक पर प्रतिबंध के आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्णय लिया है। हालांकि इसे दो अक्तूबर से पूरी तरह से लागू किया जाएगा, पर शुरुआत प्राधिकरण एक सितंबर से करेगा। भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण के दफ्तर, पार्क व बाजारों में लोग प्लास्टिक का उपयोग अब नहीं कर पाएंगे। इसका उल्लंघन करने वालों पर अर्थदंड लगाया जाएगा। यह पैसा वहीं स्थानीय पार्क के विकास में लगाया जाएगा। यह प्रतिबंध दो अक्तूबर से राज्य भर में लागू किया जाएगा। प्लास्टिक के थैले, बोतल आदि कुछ भी उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
खुलेंगे प्लास्टिक संग्रह केंद्र
इसके लिए एक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्लास्टिक फ्री ओडिशा की मुहिम नागरिक स्वयं चलाएंगे। प्राधिकरण द्वारा मंजूर भवन नक्शा में पहली शर्त यही होगी कि कोई प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेगा। लोग अब प्लास्टिक के फ्लेक्स व बैनर भी नहीं बना पाएंगे। कर्मचारी टिन के लंचबाक्स या हार्ड कागज में पैक कराके लाएंगे। भुवनेश्वर नगर निगम प्लास्टिक संग्रह केंद्र खोलेगा।
पोलीथिन फ्री ओडिशा का अभियान दो अक्तूबर गांधी जयंती से शुरू होगा। अब तक महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में यह प्रतिबंध लागू है। पहले चरण में पांच म्युनिसिपल कारपोरेशन और धार्मिक नगरी पुरी समेत भुवनेश्वर, कटक, राउरकेला, ब्रह्मपुर और संबलपुर में यह रोक लगाई जाएगी। ओडिशा को प्लास्टिक फ्री करने में दो साल का समय लिया गया है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि यदि पेड़ों की देखभाल करते हैं, तो पर्यावरण सुरक्षित रहेगा। प्लास्टिक नामक राक्षस को सब मिलकर मारेंगे। आवास, शहरी विकास और पंचायती राज विभाग को प्लास्टिक फ्री ओडिशा अभियान में सक्रिय होने को कहा गया है। वन और पर्यावरण विभाग इस अभियान पर नजर रखेगा।
भारी मात्रा में उत्पन्न होता है प्लास्टिक
ओडिशा में हर साल 27,859 टन प्लास्टिक वेस्ट (कचरा) पैदा होता है। पांच बड़े शहरों में प्लास्टिक पर प्रतिबंध करने से पहले ओ़़डिशा ने पर्यावरण संरक्षण एक्ट 1986 की धारा पांच के तहत 26 जनवरी 2004 को राज्य में बीस माइक्रॉन से भी कम मोटाई वाले पोलिथिन के कैरी बैग्स के इस्तेमाल, बिक्री, आयात और जमा करने पर रोक लगा दी थी।