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कहीं समय से पहले चुनाव न हो जाएं,इसलिए समय से पहले पूरक बजट लाने की तैयारी में बीजद सरकार

हालांकि पूरक बजट 2018-19 हर वर्ष दिसंबर माह में होने वाले शीत सत्र में पेश किया जाता है पर अबकी यह सितंबर के प्रथम सप्ताह से शुरू होगा। इसके पीछे राजनीतिक कारण भी बताए जाते हैं...
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भुवनेश्वर

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Prateek Saini

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Updated: 19 Aug 2018, 3:55 PM IST

odisha assembly

odisha assembly

(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): ओडिशा विधान सभा का मॉनसून सत्र चार सितंबर से शुरू होगा। सत्र के पहले ही दिन पूरक (सप्लीमेंटरी) बजट पेश किया जाएगा। पूरक बजट 10 हजार करोड़ से ऊपर का होगा। इसमें मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में घोषित योजनाओं के लिए धन का प्रावधान किया जाएगा।

हालांकि पूरक बजट 2018-19 हर वर्ष दिसंबर माह में होने वाले शीत सत्र में पेश किया जाता है पर अबकी यह सितंबर के प्रथम सप्ताह से शुरू होगा। इसके पीछे राजनीतिक कारण भी बताए जाते हैं। कुछ योजनाओं के लिए धन का आवंटन किया जाएगा। समझा जाता है कि यदि समय से पहले चुनाव घोषित होते हैं तो ओडिशा सरकार विधानसभा भंग करके चुनाव में जा सकती है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पहले ही कह चुके हैं कि यदि समय से पहले चुनाव होते हैं तो लोकसभा के चुनाव के साथ ही ओडिशा भी विधानसभा चुनाव में जाने को कमर कसे तैयार है।


केंद्र सरकार एक राष्ट्र एक चुनाव पर मंथन कर रही है। इसकी तैयारियों के भी संकेत दिए गए हैं। राज्य सरकार के वित्तमंत्री शशिभूषण बेहरा चार सितंबर को पूरक बजट विधानसभा में पेश करेंगे। समझा जाता है कि पूरक बजट में उन जनकल्याणकारी योजनाओं की मद में धन का प्रावधान किया जाएगा जिनकी घोषणा अगले चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हाल ही में की है।

पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के निधन के बाद सात दिवसीय शोक समाप्त होते ही राज्य की मंत्रिपरिषद इसे स्वीकृति दे देगी। वित्तमंत्री बेहरा कहते हैं कि पूरक बजट में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के लिए धन का प्रावधान किया जाएगा। बताते हैं कि पूरक बजट राज्य सरकार के कर्मचारियों का वेतन, पेंशन संबंधी मदों में धन का प्रावधान करने के लिए होता है, दूसरे नंबर पर जारी योजनाओं में धन की व्यवस्था का उद्देश्य होता है। पूर्व वित्तमंत्री पंचानन कानूनगो का कहना है कि संभव है कि पूरक बजट 14 से 15 हजार करोड़ का हो।

पूरक बजट में केंद्रीय स्कीमों के लिए मैचिंग ग्रांट का भी प्रावधान संभव है। राज्य सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा गारंटी स्कीम की मद में 25 लाख लोगों के लिए 200 करोड़ रखे जाते हैं। यह स्कीम दो अक्टूबर से लागू की जानी है। बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना में 500 करोड़ का प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा खुशी स्कीम जिसमें 12वीं कक्षा तक की 17 लाख स्कूल गर्ल्स को मुफ्त सेनेटरी नैपकिन्स दी जानी है इसके लिए 70 करोड़ हर वर्ष का प्रावधान किया जाना है। आशा बहुओं के पारिश्रमिक बढ़ोत्तरी में 50 करोड़ का प्रावधान किया जाना है।