भुवनेश्वर

आदमखोर सुंदरी ने किसान का शिकार किया, रिपोर्टर को भी किया घायल

वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि सतकोसिया के घने जंगल में बाघ और बाघिन का एक जोड़ा पहले से है...
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Updated: 21 Oct 2018, 5:20 PM IST
sundari
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(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): एक किसान त्रिनाथ साहू (60) को खींचकर घने जंगल की ले जाकर खा जाने वाली बाघिन सुंदरी ने रविवार को सुबह एक चैनल रिपोर्टर पर भी हमला कर दिया जिसे बचा लिया गया। घायल अवस्था में रघुनाथ दास नामक रिपोर्टर का इलाज किया जा रहा है। रिपोर्टर घटनास्थल पर पहुंचकर कुछ फोटो और सूचनाएं एकत्र करने गया था।

इससे पहले सुंदरी के जबड़े में साठ वर्षीय त्रिनाथ साहू नामक किसान आ गया वह गांव के बाहर मछली मारने गया था। एक ही दिन में हुई दो घटनाओं को लेकर सतकोसिया टाइगर रिजर्व के 106 गांवों में दहशत का माहौल है। लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है,समूह में खेतों की ओर जाते हैं। सहायक वन संरक्षक ने मौका मुआयना किया। बाघिन सुंदरी के आसपास होने के कयास लगाए जा रहे हैं। वन क्षेत्र स्थित गाव के लोग दहशतजदा है।

बाघों को दूसरे राज्यों के वन क्षेत्र से परिचय कराने के लिए टाइगर रिजर्व को भेजा जाने का सिलसिला शुरू हुआ है। इसी कड़ी में सुंदरी को मध्यप्रदेश से सुंदरी को ओडिशा लाया गया था। यह देश का पहला मामला बताया जाता है। इसके पीछे बाघों की संख्या बढ़ाना भी उद्देश्य है। कान्हा टाइगर रिजर्व से जिम कारबेट बांधवागढ़ नेशनल पार्क से सुंदरी को सतकोसिया सलाना इसी योजना का हिस्सा है।


वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि सतकोसिया के घने जंगल में बाघ और बाघिन का एक जोड़ा पहले से है। यह जोड़ सुंदरी को घने जंगल की ओर आने नहीं देता। सुंदरी इसीलिए बस्ती की ओर खेतों और जंगल में मंडरा रही है। वह मवेशियों का भी शिकार कर रही है। सूत्रों का कहना है कि एक नर बाघ सतकोसिया में छोड़ा जाना चाहिए। किसानों के मवेशी और खुद किसान मारे जा रहे हैं। वन विभाग का कहना है कि सतकोसिया में पहले महिला और अब पुरुष दोनों ही बाघिन सुंदरी के हमले से मारे गए हैं इसका प्रमाण नहीं मिला है। इससे पूर्व सुंदरी ने हाथीबाड़ी गांव की 35 वर्षीया महिला का 12 सितंबर को शिकार किया था। इस घटना के विरोध में गांव वालों ने वन विभाग के दफ्तर और उनकी पांच नावों में आग लगा दी थी।

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21 Oct 2018, 5:20 PM IST
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