
Bijapur News: अतिक्रमण पर कार्यवाही करते हुए नगर पालिका(municipality) ने शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे तक पहले से गिराए मकान को फिर से गिरा दिया। नगरपालिका(municipality) के सीएमओ बीएल नरेठी का कहना है कि यह कार्रवाई पालिका के अतिक्रमण नियंत्रण के नियम 187 ख के तहत पालिका द्वारा की गई है। कब्जाधारियों ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर कहा की रसूखदारों के प्रभाव में आकर नगरीय प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।
कब्जाधारियों में सुशीला राव, मोनिका और मनोज राव ने प्रेसवार्ता कर बताया कि बीते 14 जनवरी को हमारे द्वारा निर्मित दुकान मकान से सड़क और नाली को प्रभावित होना बता कर तोड़ दिया गया था। अभी हाल में तीन फरवरी को नगर पालिका(municipality) के अधिकारी और कर्मचारी आकर लगभग दो बजे रात को हमारे घर की बिजली गुल कर चार चार बुलडोजर से मकान गिराने लगे थे।
रसूखदार को जमीन आबंटित करने की तैयारी
हमारे पास हाई कोर्ट का स्थगन आदेश था जिसे हम लोगों ने दिखाने की भी कोशिश की पर किसी ने नहीं सुनी। नगर पालिका(municipality) की यह कार्रवाई सुबह साढ़े छ: बजे तक चलती रही। कब्जा धारियों का आरोप है की उनके हक की जमीन से उन्हे हटा कर किसी रसूखदार को जमीन आबंटित करने की तैयारी की जा रही है।
गत 35 वर्षों से यहीं पर रहे हैं हम लोग
सुशीला राव ने बताया की पारिवारिक विवाद के चलते वे मद्देड़ से यहां बीते 35 सालों से अपने दो बच्चों के साथ झोपड़ी बना दुकान चला कर जीवन यापन कर रही है। इसी स्थान पर व्यवस्थापन के तहत उन्हें पट्टा भी मिला हुआ है। सुशीला राव ने बताया की 2004 में काबिज भूमि पर पट्टे के लिए आवेदन दिया गया जो 2006 को जारी किया गया था। जिसके बाद भूमि के डायवर्शन के लिए आवेदन किया गया। वर्ष 2011 में टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट द्वारा इसी भूमि को नाप कर दुकान भवन निर्माण की अनुज्ञप्ति जारी की थी। पीड़ितों की मांग है की उनके साथ न्याय किया जाए। उनके पट्टे की जमीन वापस की जाए और की गई क्षति की पूर्ति की जाए।
नगरपालिका (municipality)सीएमओ बीएल नरेठी ने पत्रिका से कहा की कब्जाधारी सुशीला राव जिस जमीन पर कब्जा किया हुआ है वह पूरी तरह से अवैध है तथा धारा 187 ख के तहत पालिका द्वारा कार्रवाई की गई है। उनके पास खसरा न. 167 का पट्टा है और 172 पर उनका कब्जा है।