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25 साल बाद खुला नक्सली ताला, मंदिर में गूंजे देवी गीत, बस्तर के सैंड्रा गांव में लौटी आस्था की रौनक

Naxal-affected village: बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित सैंड्रा गांव में करीब 25 साल बाद शिव मंदिर परिसर में बतकम्मा उत्सव मनाया गया। महिलाओं ने देवी गीत गाए, नृत्य किया और मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर आस्था की रौनक लौटाई।
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Bastar Naxalism

25 साल बाद खुला नक्सली ताला (photo Patrika)

Bastar Naxalism: @ मो. इरशाद। खान बस्तर बदल रहा है और क्षेत्र में शांति बहाली के बाद कई ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो यह बताती हैं कि हिंसा ने बस्तर की सांस्कृतिक और सामाजिक जिंदगी को कितना प्रभावित किया था। 'पत्रिका' की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र स्थित धुर नक्सल प्रभावित सैंड्रा गांव की एक भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। सैंड्रा गांव के मंदिर में करीब 25 साल तक सिर्फ इसलिए ताला लगा रहा क्योंकि नक्सली नहीं चाहते थे कि वहां कोई सार्वजनिक या धार्मिक उत्सव मनाया जाए। हर साल नवरात्र आता था, महिलाएं देवी की उपासना करना चाहती थीं, लेकिन गांव के मंदिर का आंगन उनके लिए बंद रहता था।

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