बिजनोर

‘रोक नहीं पाए तो हत्या की साजिश’, चंद्रशेखर आजाद का दावा; बोले- गाड़ी जलाने के लिए पेट्रोल-डीजल लेकर घूम रहे थे लोग

Chandrashekhar Azad:नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद का बड़ा आरोप- बाराबंकी में रोके जाने के बाद एक फार्म हाउस में रची गई थी उनकी हत्या की साजिश। कार जलाने की थी तैयारी, सरकार से की निष्पक्ष जांच की मांग।
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Updated: 16 Sep 2026, 12:20 PM IST
Chandrashekhar Azad Nagina MP
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद। PC: @AzadSamajParty/ वीडियो ग्रैब

Chandrashekhar Azad Barabanki Incident: आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बाराबंकी में अपने काफिले को रोके जाने की घटना को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोंडा जाने से रोकने की कार्रवाई महज प्रशासनिक कदम नहीं थी, बल्कि उनके खिलाफ बड़ी साजिश का हिस्सा थी।आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर का कहना है कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। उनके पास इसकी पुख्ता जानकारी है कि कुछ लोग बोतलों में पेट्रोल और डीजल लेकर घूम रहे थे और उनकी गाड़ी को आग के हवाले करने की तैयारी में थे।

गोंडा जाते समय बाराबंकी में रोका गया

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब चंद्रशेखर आजाद गोंडा में विनोद साहनी के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। यूपी पुलिस ने उन्हें बाराबंकी में ही रोक लिया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन और उनके समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई। आरोप है कि इसी दौरान पुलिस के सामने धक्का-मुक्की हुई, बाहरी तत्वों ने कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और उनके काफिले पर पथराव भी किया।

विरोधियों को दी खुली चेतावनी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर वीडियो जारी करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि एक फार्म हाउस में मेरी हत्या करने का षड्यंत्र रचा गया है। मैं यह बात बहुत जिम्मेदारी से कह रहा हूं। मेरे पास जो सूचनाएं और स्रोत हैं, वे गलत नहीं हैं। मैं सरकार से मांग करता हूं कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए और हत्या की साजिश से लेकर बाराबंकी हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका सामने लाई जाए।

मैं अपने विरोधियों से भी कहना चाहता हूं कि मौत तो एक दिन आनी है, मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता। अगर मेरी मौत आपके हाथों लिखी होगी तो वह भी हो जाएगी, लेकिन अगर आप अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुए और मेरे लोगों ने मुझे ताकत, हिम्मत और मेरा साथ दे दिया, तो याद रखिए, आप जैसे गुंडों को उत्तर प्रदेश से पलायन करना पड़ेगा।

अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि चाहे आरक्षण और यूजीसी का मुद्दा हो या सहारनपुर और बिजनौर की घटनाएं, उन्होंने हर जगह कमजोरों और पीड़ितों के लिए आवाज बुलंद की है। रामलखन मौर्य, विनोद साहनी और रमेश कोहली के हत्याकांड से लेकर कौशांबी में पाल समाज की बेटी पर हुए अत्याचार तक, उनकी पार्टी लगातार सड़क पर उतरकर न्याय की लड़ाई लड़ रही है।

सांसद की सुरक्षा पर उठाए सवाल

अपनी और आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज सवाल सिर्फ मेरी सुरक्षा का नहीं है। जब सुरक्षा प्राप्त एक चुने हुए जनप्रतिनिधि और सांसद के साथ दिनदहाड़े पत्थरबाजी की जाए, पेट्रोल-डीजल जैसी ज्वलनशील चीजों से भरी बोतलों के जरिए गाड़ी में आग लगाने का प्रयास किया जाए और आरोपी इतने बेखौफ हों, तो सोचिए इस प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा और न्याय की स्थिति क्या होगी? मैं अपने साथियों से भी कहना चाहता हूं कि डरने की जरूरत नहीं है। संघर्ष जारी रहेगा। मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता।

Updated on:
16 Sep 2026, 12:20 PM IST
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