
बिजनौर में ‘पटाखा बुलेट’ पर चला रोड रोलर..
Bijnor News Today: बिजनौर में तेज आवाज करने वाली मॉडिफाइड बाइकों और पटाखा बुलेट के खिलाफ यातायात पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस लगातार ऐसे वाहनों की चेकिंग कर रही है, जिनमें नियमों के विपरीत मॉडिफाइड साइलेंसर लगाए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य सड़क पर तेज आवाज से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को रोकना और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
पिछले पांच दिनों के दौरान यातायात पुलिस ने तेज आवाज करने वाली 57 बुलेट मोटरसाइकिलों के खिलाफ कार्रवाई की। जांच के दौरान इन वाहनों में लगे मॉडिफाइड साइलेंसर पाए गए, जिन्हें पुलिस ने उतरवाकर अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही थी और सड़क पर ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ रहा था।
गुरुवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस लाइन के बाहर जब्त किए गए मॉडिफाइड साइलेंसर एक जगह इकट्ठा किए गए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में इन साइलेंसरों को रोड रोलर चलाकर नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान यह साफ संदेश दिया गया कि नियमों के खिलाफ वाहनों में किए गए ऐसे बदलावों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यातायात प्रभारी रवि नैन ने बताया कि तेज आवाज निकालने वाले साइलेंसर और पटाखा बुलेट के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर बाइक की आवाज को जानबूझकर तेज करने के लिए किए जाने वाले मॉडिफिकेशन पर अब विशेष निगरानी रखी जा रही है।
बिजनौर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चलाए गए अभियान में अब तक 1742 वाहनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस की चेकिंग के दौरान अलग-अलग तरह के यातायात नियमों का उल्लंघन सामने आया। इनमें सबसे अधिक मामले बिना हेलमेट वाहन चलाने के रहे, जिसके बाद पुलिस ने संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की।
अभियान के दौरान 538 वाहन चालक बिना हेलमेट के वाहन चलाते हुए मिले। यातायात पुलिस ने ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस लगातार लोगों को हेलमेट पहनकर वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक भी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हेलमेट सड़क दुर्घटना की स्थिति में सिर को गंभीर चोट से बचाने में अहम भूमिका निभाता है।
चेकिंग के दौरान 146 मामलों में तीन सवारी बैठाकर वाहन चलाने की बात सामने आई। यातायात नियमों के अनुसार दोपहिया वाहन पर निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों के बैठने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में भी पुलिस ने नियमों के तहत कार्रवाई की और वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी।
अभियान के दौरान 12 वाहनों पर काली फिल्म लगी हुई मिली। पुलिस ने ऐसे वाहनों की भी जांच की और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की। इसके अलावा गंभीर यातायात उल्लंघन मिलने पर 34 वाहनों को सीज किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चालकों में नियमों को लेकर सतर्कता बढ़ाने का संदेश गया है।
यातायात पुलिस की कार्रवाई केवल मॉडिफाइड साइलेंसर तक सीमित नहीं रही। चेकिंग के दौरान तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड हॉर्न भी जब्त किए गए। पुलिस का कहना है कि सड़कों पर अनावश्यक रूप से तेज आवाज करने वाले हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर आम लोगों के लिए परेशानी पैदा करते हैं।
एएसपी गौतम राय ने बताया कि यातायात पुलिस की ओर से मॉडिफाइड साइलेंसर और पटाखा बुलेट के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 57 बुलेट मोटरसाइकिलों पर कार्रवाई की गई और 55 मॉडिफाइड साइलेंसर उतरवाकर जब्त किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेज आवाज करने वाले वाहनों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
बिजनौर पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। खासतौर पर ऐसे दोपहिया वाहनों को अभियान में शामिल किया जा रहा है, जिनमें कंपनी के मूल साइलेंसर को हटाकर तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगाए गए हैं। पुलिस का फोकस सड़क सुरक्षा के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने पर भी है।
Updated on:
03 Sept 2026 06:32 pm
Published on:
03 Sept 2026 06:32 pm
