
बिजनौर में बाढ़ जैसे हालात!
Bijnor Flood News: बिजनौर में पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। मालन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद नदी अपनी सामान्य धारा से बाहर निकल आई है। मालन का पानी कई किलोमीटर तक फैल गया है और आसपास के हजारों बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है, जबकि प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
बुधवार तड़के मालन का पानी बिजनौर के हरिद्वार मार्ग पर गांव गजरौला शिव के सामने पहुंच गया। यहां सड़क के ऊपर करीब एक फीट तक पानी बह रहा है। पानी की तेज धार के कारण सड़क से गुजरने वाले वाहनों के लिए खतरा बढ़ गया है। यदि मालन का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ सकती है।
रावली क्षेत्र में भी मालन नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। रावली-शहजादपुर रपटे पर पानी का बहाव तेज बना हुआ है। मंगलवार को यहां मालन का पानी पहुंचने के बाद ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। लोगों को रपटा पार कराने के लिए एक बार फिर जोड़े वाली नाव का संचालन शुरू करना पड़ा है।
मालन नदी का पानी आसपास के कई गांवों के खेतों तक पहुंच चुका है। बड़ी संख्या में खेतों में पानी भरने से फसल प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। हालांकि अभी तक गांवों के आबादी वाले हिस्सों में पानी नहीं पहुंचा है, जिससे ग्रामीणों को फिलहाल राहत मिली हुई है। ग्रामीण नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रख रहे हैं।
मालन का पानी हरिद्वार मार्ग पर पहुंचने की स्थिति पहले भी बन चुकी है। पिछले महीने नदी का पानी सड़क पर आने के बाद इस मार्ग पर करीब 24 घंटे तक वाहनों का संचालन बंद करना पड़ा था। उस दौरान वाहनों को दूसरे रास्तों से निकालने के लिए रूट डायवर्जन किया गया था। अब दोबारा सड़क पर पानी आने से लोगों को उसी तरह की स्थिति की आशंका सताने लगी है।
मालन के रपटे पर पानी बढ़ने के बाद सिंचाई विभाग की टीम ने निगरानी बढ़ा दी है। विभागीय कर्मचारी मौके पर डेरा डालकर जलस्तर और पानी के बहाव पर नजर रख रहे हैं। अधिकारियों की कोशिश है कि स्थिति बिगड़ने से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें और लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सके।
मालन के साथ गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंगलवार रात गंगा में पानी का प्रवाह दो लाख क्यूसेक से अधिक पहुंच गया था। हालांकि यह स्थिति ज्यादा देर नहीं रही और बाद में जलस्तर में कमी आई। बुधवार सुबह गंगा में करीब 1.42 लाख क्यूसेक पानी बह रहा था।
बुधवार सुबह भीमगौड़ा बैराज से गंगा में करीब 1.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। मालन में अधिक पानी होने के कारण गंगा के जलस्तर में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल बैराज से इससे अधिक पानी छोड़े जाने की कोई सूचना नहीं है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कर्णपाल सिंह के अनुसार बरसात के मौसम में गंगा में इस स्तर तक पानी रहना सामान्य स्थिति है। उन्होंने बताया कि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और फिलहाल किसी तरह की बड़ी चिंता की स्थिति नहीं है। विभाग की टीम लगातार नदी और रपटे की निगरानी कर रही है।
मालन का पानी अभी तक गांवों की आबादी में नहीं पहुंचा है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। लेकिन खेतों में लगातार पानी भरने के कारण किसानों की परेशानी बढ़ गई है। यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहा और नदी का जलस्तर और बढ़ा तो जलभराव का दायरा बढ़ सकता है।
फिलहाल सबसे ज्यादा नजर हरिद्वार मार्ग पर बनी स्थिति पर है। सड़क पर करीब एक फीट पानी बहने के कारण वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि पानी का बहाव और तेज होता है तो प्रशासन को सुरक्षा के मद्देनजर यातायात रोककर रूट डायवर्जन करना पड़ सकता है। फिलहाल सिंचाई विभाग और संबंधित टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
Updated on:
19 Aug 2026 01:48 pm
Published on:
19 Aug 2026 01:48 pm
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