बिजनोर

बवाल काट रहा है चंद्रशेखर आजाद का वीडियो, देखिए ‘दलितों के रॉबिनहुड’ के रोल्स रॉयस की सवारी…

दलित, पिछड़े और वंचित वर्ग की आवाज उठाने वाले भीम आर्मी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण इन दिनों अपने अमेरिका दौरे को लेकर चर्चा में हैं। वजह है एक वायरल वीडियो। आइए आपको पूरे वाकये से रूबरू कराते हैं।

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Apr 21, 2025

नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह तकरीबन 10 करोड़ रुपये की लग्जरी कार रोल्स रॉयस फैंटम में सवारी करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और बहस का केंद्र बन गया है। इस वीडियो पर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

रोल्स रॉयस की सवारी करते दिखे चंद्रशेखर आजाद रावण

वीडियो में चंद्रशेखर आजाद मुस्कुराते हुए रोल्स रॉयस से उतरते दिखाई दे रहे हैं। चंद्रशेखर के साथ कुछ विदेशी और भारतीय समर्थक भी मौजूद हैं। इस क्लिप के वायरल होते ही इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स उन्हें ‘दलितों का रॉबिनहुड’ बता रहे हैं जबकि कुछ आलोचक तंज कसते हुए पूछ रहे हैं कि जो नेता खुद को वंचितों की आवाज कहते हैं वे इतने महंगे अंदाज में कैसे घूम सकते हैं?

गाड़ी के नंबर प्लेट पर टिकी निगाहें

वायरल हो रहे इस वीडियो में चंद्रशेखर आजाद रावण जिस गाड़ी से उतर रहे हैं उसका नंबर भी खूब चर्चा में है। साफ देखा जा सकता है कि गाड़ी का नंबर वीआईपी श्रेणी का है। इस नंबर पर भी लोगों की प्रतिक्रिया आ रही है।

पर्सनल ब्रांड प्रमोशन या कुछ और?

सोशल मीडिया पर लोग यह भी सवाल कर रहे हैं कि चंद्रशेखर का यह दौरा सामाजिक न्याय और दलित अधिकारों के लिए है या फिर यह उनका पर्सनल ब्रांड प्रमोशन का हिस्सा है। कुछ ने यह आरोप भी लगाया है कि जो नेता पहले सड़कों पर आंदोलन करते नजर आते थे, अब वे महंगी कारों में घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे उनकी छवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

संघर्षों से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर

गौरतलब है कि चंद्रशेखर आजाद का राजनीतिक सफर संघर्षों से शुरू हुआ था। वे हमेशा से दलित समाज के अधिकारों, सामाजिक समानता और आरक्षण जैसे मुद्दों को मुखरता से उठाते रहे हैं। उनके आंदोलनों ने उन्हें दलित युवाओं के बीच खास पहचान दी है। लेकिन अब इस वीडियो को लेकर उनके समर्थक और विरोधी आमने-सामने हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है कि क्या खुद को वंचितों की आवाज कहने वाले नेता और एक सामाजिक नेता के लिए विलासिता और जनसेवा एक साथ चल सकती है? या फिर यह जनता की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है, जहां नेता की छवि सादगी से जुड़ी होती है? फिलहाल चंद्रशेखर की तरफ से इस वायरल वीडियो पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Updated on:
21 Apr 2025 06:24 pm
Published on:
21 Apr 2025 06:19 pm
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