
बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए बताया कि रविवार को कोतवाली पुलिस को एक सात महीने की बच्ची के लावारिस हालत में मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस ने बच्ची को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई और उसके बाद बच्ची के परिवार वालों की तलाश की गई। जीआरपी बरेली की मदद से रविवार शाम तक बच्ची की माता गुफराना मिल गई।
उन्होंने कहा कि बच्ची की मां बदायूं से अपने मायके बिहार के मधुबनी जा रही थीं, तभी वे बरेली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन बदलने के लिए रुकी थीं। इसी दौरान उन्होंने रोती बिलखती बच्ची को चुप कराने के लिए बगल में बैठे एक शख्स को दे दिया। सीसीटीवी फुटेज में देखने पर पता चला है कि वह करीब आधे घंटे तक उसे छुपाने की कोशिश करता रहा, मगर उसके बाद वह बच्ची को छोड़कर चला गया। रविवार शाम तक बरेली जीआरपी की मदद से महिला को ट्रेस किया गया और बच्ची को उसे सौंप दिया गया है। बच्ची स्वस्थ है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने कहा कि मेजर खुशबू पाटनी ने बच्ची को बरामद करते हुए इसकी जानकारी पुलिस को सबसे पहले दी थी। उन्होंने जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी निभाते हुए एक नेक कार्य किया, जो एक प्रशंसनीय काम है।
यह मामला बरेली के थाना कोतवाली क्षेत्र की पुलिस लाइन का है। खुशबू पाटनी अपने घर के पास टहलने निकली थीं, तभी उन्हें पास के एक खंडहर से एक बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। इस दौरान उन्होंने खंडहर में झांककर देखा तो वहां एक लावारिस हालत में बच्ची रो रही थी। इसके बाद खुशबू बिना देर किए तुरंत खंडहर के अंदर पहुंची और बच्ची को सकुशल बाहर निकाला।
खुशबू बच्ची को अपने साथ घर ले आईं। जहां उसकी सफाई की और बाद में मासूम को दूध भी पिलाया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हर किसी ने खुशबू की प्रशंसा की।
सोर्स: IANS
Published on:
21 Apr 2025 04:32 pm
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