नगीना में मानसिक तनाव में 22 वर्षीय युवक ने जान दे दी। उसकी पहचान मोहल्ला लाल सराय निवासी नवेद के रूप में हुई है। उसने मरने से पहले सुसाइड नोट में अपनी नाकामयाबी का दर्द बयां करते हुए भाइयों से मां का ख्याल रखने को कहा है।
"आई लव यू मॉम… जब तक आपको यह खत मिलेगा, मैं इस दुनिया में नहीं रहूंगा। मैं कामयाब इंसान बनना चाहता था, लेकिन बन नहीं पाया…।" इन्हीं दर्द भरे शब्दों के साथ 22 वर्षीय नवेद ने सुसाइड से पहले आखिरी बार अपनी मां को याद किया और फंदे पर लटककर जान दे दी।
नगीना के काला खेड़ी आईटीआई कॉलेज के सामने स्थित पानी की टंकी पर एक खौफनाक मंजर दिखाई दिया। करीब 50 फीट की ऊंचाई पर एक युवक रस्सी के फंदे से झूल रहा था। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों का मजमा लग गया। सूचना मिलते ही सीओ डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी और थानाध्यक्ष अवनीत मान मौके पर पहुंचे, लेकिन शव इतनी ऊंचाई पर था कि उसे उतारने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम को बुलाना पड़ा। करीब एक घंटे की भारी मशक्कत के बाद नवेद के शव को नीचे लाया जा सका। उसकी पहचान मोहल्ला लाल सराय निवासी नवेद के रूप में हुई।
नवेद सात भाई-बहनों में सबसे छोटा और सबका लाड़ला था। वह पेशे से इलेक्ट्रीशियन था। अपने काम में महारत हासिल कर एक सफल व्यक्ति बनना चाहता था। सोमवार शाम करीब छह बजे वह घर से यह कहकर निकला था कि थोड़ी देर में आएगा, लेकिन जब वह रात भर घर नहीं लौटा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने रात में ही उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को भी सूचित किया। पुलिस ने 24 घंटे बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही थी, उससे पहले ही शव बरामद हो गया।
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें नवेद का सारा दर्द सिमटा हुआ था। उसने लिखा कि वह यह गलत कदम नहीं उठाना चाहता था, लेकिन जिंदगी की उथल-पुथल ने उसे अंदर से तोड़ दिया है। उसने अपनी किस्मत को दोष देते हुए लिखा कि वह एक कामयाब इंसान बनना चाहता था लेकिन टेंशन ने उसे हरा दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बिजनौर भेज दिया है। नवेद की मौत की खबर जैसे ही उसके मोहल्ले लाल सराय पहुंची, वहां मातम पसर गया। घर में सबसे छोटा होने के कारण वह सबका चहेता था। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।