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बिजनौर में GST का बड़ा खेल: दिल्ली-गाजियाबाद के मास्टरमाइंड गिरफ्तार, फर्जी फर्मों से सरकार को लगाया चूना

Bijnor Crime: बिजनौर में दिल्ली और गाजियाबाद के दो कारोबारियों को फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी और ITC का लाभ उठाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

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bijnor gst fraud Delhi-Ghaziabad mastermind arrested

दिल्ली-गाजियाबाद के मास्टरमाइंड गिरफ्तार | Image Source - Pexels

GST Fraud News: बिजनौर पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल जीएसटी चोरी मामले का पर्दाफाश करते हुए दो कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी फर्म बनाकर बिना किसी असली व्यापार के जीएसटी रिटर्न दाखिल किए और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाया। इस कार्रवाई से सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान होने से बचाया गया है।

फर्जी फर्म के माध्यम से ITC का लाभ

पुलिस के अनुसार, दिल्ली और गाजियाबाद निवासी आरोपियों ने कागजी दस्तावेजों के जरिए फर्जी लेनदेन दिखाया और जीएसटी पोर्टल पर रिटर्न दाखिल कर ITC का लाभ उठाया। इस तरह के धोखाधड़ीपूर्ण कामकाज ने राज्य कर विभाग को गंभीर वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

शिकायत और प्रारंभिक जांच

सहायक आयुक्त राज्य कर अभिनव सोनी ने 12 दिसंबर 2025 को शहर कोतवाली में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि फर्म संचालक ने फर्जी तरीके से जीएसटी रिटर्न दाखिल कर सरकार के राजस्व को नुकसान पहुँचाया। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की।

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

जांच के दौरान दिल्ली के रामविहार जीवनपुर निवासी प्रवेश शर्मा और गाजियाबाद के नवयुग मार्केट-29 निवासी अमित कुमार सिंघल के नाम सामने आए। शुक्रवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने फर्जी फर्म और कागजी लेनदेन करने की बात स्वीकार की।

पुलिस की कानूनी कार्रवाई

शहर कोतवाल राम प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपी स्क्रैप और लोहा कारोबार में संलग्न हैं। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और आवश्यकतानुसार अन्य विधिक कार्रवाई भी की जा रही है।

सरकारी राजस्व की सुरक्षा

पुलिस और राज्य कर विभाग ने बताया कि इस गिरफ्तारी से न केवल वर्तमान में राजस्व की सुरक्षा हुई है, बल्कि भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। विभाग अब कड़े निगरानी तंत्र और डिजिटल ऑडिटिंग सिस्टम को और प्रभावी बनाने पर काम कर रहा है, ताकि फर्जी फर्म और ITC के दुरुपयोग की घटनाओं को जल्दी पकड़ा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से कारोबारियों में सख्त संदेश जाएगा कि कोई भी वित्तीय धोखाधड़ी बख्शी नहीं जाएगी।