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सोशल मीडिया से शुरू हुई दोस्ती, आरबीआई में नौकरी दिलाने के नाम पर बिजनौर के युवक से लाखों की ठगी

Bijnor News: आरबीआई में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 17 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया के जरिए हुई दोस्ती के बाद आरोपी ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया था।

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बिजनौर के युवक से लाखों की ठगी..

RBI Job Fraud Bijnor:बिजनौर जिले के हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव खेड़की टप्पा निवासी अनिल कुमार के साथ आरबीआई में नौकरी दिलाने के नाम पर 17 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि अनिल कुमार की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र निवासी पुष्पेंद्र अग्निहोत्री से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी ने खुद को प्रभावशाली और ऊंचे संपर्क वाला व्यक्ति बताकर अनिल का भरोसा जीत लिया।

आरबीआई में नौकरी दिलाने का दिया लालच

पुलिस के अनुसार आरोपी पुष्पेंद्र ने अनिल कुमार को भारतीय रिजर्व बैंक में कैशियर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। आरोपी ने दावा किया कि उसकी पहचान बड़े अधिकारियों से है और वह आसानी से नौकरी लगवा सकता है। सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद में अनिल कुमार आरोपी की बातों में आ गया। आरोपी ने नौकरी प्रक्रिया और दस्तावेज तैयार कराने के नाम पर अलग-अलग समय में उससे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और नकद के माध्यम से करीब 17 लाख रुपये ले लिए।

फर्जी दस्तावेज भेजकर बढ़ाया भरोसा

आरोपी ने पीड़ित को पूरी तरह विश्वास में लेने के लिए नौकरी से जुड़े कुछ दस्तावेज भी भेजे। इनमें नियुक्ति पत्र, चयन प्रक्रिया और बैंक से संबंधित कागजात शामिल बताए गए। शुरुआत में दस्तावेज असली जैसे दिखाई दिए, जिससे पीड़ित को शक नहीं हुआ। लेकिन जब काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी और आरोपी लगातार बहाने बनाने लगा, तब अनिल कुमार को ठगी होने का एहसास हुआ। बाद में दस्तावेजों की जांच कराई गई तो वे फर्जी निकले।

पीड़ित ने पुलिस से लगाई मदद की गुहार

अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चलने के बाद पीड़ित अनिल कुमार ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल कॉल डिटेल और सोशल मीडिया बातचीत के आधार पर आरोपी की गतिविधियों की जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से नौकरी दिलाने के नाम पर रकम वसूली थी।

पुलिस जांच में सामने आया पूरा खेल

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पुष्पेंद्र अग्निहोत्री को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर चालान कर दिया है।

पुलिस ने लोगों को किया सतर्क

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के झांसे में न आएं। किसी भी सरकारी नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वाले लोगों से सावधान रहें। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी भर्तियां केवल आधिकारिक प्रक्रिया के तहत होती हैं और किसी व्यक्ति विशेष के माध्यम से नौकरी दिलाने का दावा अक्सर धोखाधड़ी साबित होता है।

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