Highlights नवरात्र से पहले ही पुतले बनाने की तैयारी में जुट जाते है मुस्लिम कारीगर महीनों की मेहनत कर तैयार करते है रावण और मेघनाथ के पुतले पुतले बनाकर पेश की ऐसी मिसाल
बिजनौर। सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बिजनौर में मुस्लिम कारीगरों ने मेघनाथ ओर रावण के पुतले बनाकर एकता की मिसाल पेश की। मुस्लिम समाज के कारीगर हर साल की तरह इस बार भी दशहरा के अवसर पर रावण और मेघनाथ का पुतला दहन करने के लिये तैयार कर रहे है। ये मुस्लिम कारीगर इस त्यौहार पर हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहे है।
दो महीने पहले से शुरू कर देते है पुतले बनाने का काम
ये है बिजनौर के कारीगर जो कई सालों से हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते नजर आ रहे हैं। यूं तो दशहरा के पर्व ने दस्तक दे दी है। कारीगर भी तेजी से रावण मेघनाथ का पुतला बनाने के काम में जुटे हैं। 50 फीट ऊंचे रावण में मेघनाथ को पुतला बनाने में वैसे तो मुस्लिम कारीगर को 2 महीने के करीब लग जाते है। 6 मुस्लिम कारीगरों को मेघनाथ रावण के पुतले बनाने में अच्छा खासा मेहनताना भी मिल जाता है। बहरहाल दशहरा के पर्व पर रंगों से सजाया गया रावण और मेघनाथ के पुतले को बनाने वाले मुस्लिम समाज के साथ-साथ हिंदू समाज के लिए भी एक प्रेरणा का स्त्रोत बनते नजर आएंगे।