Waqf Bill: रुहेलखंड क्षेत्र के उपाध्यक्ष शमशाद अंसारी ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
Waqf Bill: राष्ट्रीय लोकदल को बड़ा झटका लगा है। रुहेलखंड क्षेत्र के उपाध्यक्ष शमशाद अंसारी ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत वक्फ संशोधन विधेयक पर रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी के समर्थन को मुस्लिम समाज के साथ धोखा बताया। शमशाद का कहना है कि इससे मुस्लिम समुदाय आहत है और खुद को ठगा महसूस कर रहा है।
बता दें कि शमशाद अंसारी की पत्नी बिजनौर नगर पालिका की चेयरमैन रह चुकी हैं। इससे पहले शुक्रवार को शाहजेब रिजवी ने एक वीडियो जारी कर पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने खुद को रालोद का प्रदेश महासचिव बताया, हालांकि रालोद के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने साफ किया कि शाहजेब पार्टी की कमेटी में नहीं हैं।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए जिलाध्यक्ष मतलूब गौड़ ने कहा कि शमशाद अंसारी पिछले एक साल से पार्टी की किसी गतिविधि में सक्रिय नहीं थे। पूर्व में वे युवा इकाई के प्रदेश महासचिव भी रह चुके हैं। प्रेसवार्ता में शमशाद ने यह भी कहा कि वे पहले समाजवादी पार्टी से जुड़े थे और बाद में रालोद में शामिल हुए थे।
शमशाद अंसारी ने बताया कि हाल ही में संभल में हुई घटना और सड़क पर नमाज पढ़ने से रोके जाने का मुद्दा उन्होंने रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के सामने उठाया था, लेकिन उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुप्पी साधे रहे। उनका कहना है कि अब वक्फ संशोधन विधेयक को रालोद द्वारा समर्थन दिए जाने से मुस्लिम समाज बेहद आहत है और खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी अब अपने दादा और देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की विचारधारा से भटक गए हैं। यही कारण है कि उन्होंने और उनके करीब 200 समर्थकों ने रालोद की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला लिया है। शमशाद अंसारी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका फिलहाल किसी अन्य राजनीतिक पार्टी में जाने का कोई इरादा नहीं है।