
यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की रफ्तार तेज | Image - X/@myogiadityanath
UP one trillion economy survey: उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने की कवायद अब जिला स्तर पर तेज होती नजर आ रही है। इसी कड़ी में बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कलक्ट्रेट सभागार में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की, जहां विभिन्न विभागों की विकास योजनाओं और उनके आर्थिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।
डीएम ने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार का यह लक्ष्य केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के रूप में दिखाई देना चाहिए। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले की प्रगति को राज्य के समग्र आर्थिक लक्ष्य से जोड़ना और हर विभाग की भूमिका को स्पष्ट करना रहा।
बैठक में रोजगार और बेरोजगारी की वास्तविक स्थिति जानने के लिए व्यापक सर्वे कराने पर भी जोर दिया गया। डीएम जसजीत कौर ने बताया कि यह सर्वे सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत आयोजित किया जाएगा, जिससे जिले के हर क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों और बेरोजगार युवाओं की संख्या का सटीक आकलन किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह सर्वे न केवल योजनाओं की दिशा तय करने में मदद करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि किन क्षेत्रों में निवेश और कौशल विकास की सबसे अधिक जरूरत है।
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कृषि, विद्युत, उद्यान, परिवहन सहित अन्य विभाग अपने-अपने आंकड़ों का संबंधित पोर्टल पर दो दिनों के भीतर मिलान सुनिश्चित करें। उनका कहना था कि यदि आंकड़ों में किसी भी तरह की गड़बड़ी रहती है, तो इससे जिले की प्रगति रिपोर्ट और राज्य स्तर पर मूल्यांकन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सही और समय पर अपलोड किए गए आंकड़े ही जिले को विकास की दौड़ में आगे बनाए रखेंगे।
कलक्ट्रेट सभागार में जिला ओटीडी सेल और पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) एनुअल सर्वे से जुड़े यूनिकॉरपोरेटेड सेक्टर एंटरप्राइजेज पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि यह प्रक्रिया राज्य की वास्तविक आर्थिक स्थिति और निजी क्षेत्र की भागीदारी को समझने में अहम भूमिका निभाएगी। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश को ‘रियल’ वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए हर क्षेत्र से मिलने वाले आर्थिक योगदान का सही मूल्यांकन बेहद जरूरी है।
बैठक में यह भी दोहराया गया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए राज्य आय में विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के योगदान को बढ़ाना और उसका सटीक आकलन करना प्राथमिकता है। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन इस तरह हो कि उद्योग, कृषि, सेवा और व्यापार जैसे सभी क्षेत्रों में आर्थिक गति साफ दिखाई दे।
यदि किसी विभाग को आंकड़ों के मिलान या पोर्टल पर अपलोड में समस्या आती है, तो डीएम ने संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर समाधान निकालने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि जिला स्तर पर कोई भी तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन विकास की प्रक्रिया को धीमा न करे। बैठक के अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों से समन्वय बनाकर काम करने और तय समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरे करने की अपील की, ताकि बिजनौर जिले की प्रगति राज्य के आर्थिक मिशन में मजबूत योगदान दे सके।
Published on:
21 Jan 2026 03:38 pm
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