SP Leader Property Attached : बिजनौर जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) के तहत समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल मन्नान (SP Leader Abdul Mannan) की एक करोड़ 74 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है। एसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह का कहना है कि सपा नेता ने यह संपत्ति गैंग बनाकर अवैध तरीके से अर्जित की थी। वहीं, सपा नेता ने प्रशासन पर भाजपा के दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
SP Leader Property Attached : यूपी विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) के बीच बिजनौर जिला प्रशासन ने सपा नेता अब्दुल मन्नान (SP Leader Abdul Mannan) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बिजनौर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने जिलाधिकारी के आदेश पर सपा नेता और नगर पालिका चेयरमैन अब्दुल मन्नान के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) में कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 74 लाख रुपये की सम्पत्ति कुर्क कर ली है। इतना ही नहीं चेयरमैन के साथ उनके परिवार के भाइयों व पत्नी के नाम के दो प्लॉट और एक शोरूम को भी कुर्क किया गया है। वहीं, इस कार्रवाई पर सपा नेता ने आपत्ति जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। चेयरमैन अब्दुल मन्नान का आरोप है कि प्रशासन भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रहा है।
दरअसल, मामला बिजनौर जिले के किरतपुर थाना क्षेत्र का है। जहां पर किरतपुर नगर पालिका के वर्तमान चेयरमैन और सपा नेता अब्दुल मन्नान के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के मामले में कार्रवाई की गई है। डीएम उमेश मिश्रा के आदेश पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने अब्दुल मन्नान की 1 करोड़ 74 लाख रुपए की संपत्ति को कुर्क कर लिया है। प्रशासन की टीम ने अब्दुल मन्नान के शोरूम और दो प्लॉट को कुर्क किया है। आपको बता दें कि किरतपुर चेयरमैन अब्दुल मन्नान के खिलाफ एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
एसपी सिटी बोले- गैंगस्टर एक्ट का आरोपी है अब्दुल मन्नान
एसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि किरतपुर निवासी अब्दुल मन्नान गैंगस्टर एक्ट का अभियुक्त है। उसके द्वारा अवैध तरीके से गैंग बनाकर अवैध सम्पत्ति अर्जित की गई है। संपत्तियों को जिलाधिकारी के आदेश पर राजस्व विभाग और पुलिस की टीम ने कुर्क किया है। जब्त की गई संपत्ति की कीमत करीब एक करोड़ 74 लाख रुपए है।
मन्नान बोले- भाजपा नेताओं के दबाव में लगाए गए फर्जी मुकदमे
उधर, चेयरमैन अब्दुल मन्नान का कहना है कि उनके खिलाफ गलत कार्यवाही की गई है। उनके ऊपर जो भी मुकदमे लगाए गए हैं, वे सभी भाजपा नेताओं के दबाव में लगाए गए हैं। सभी मुकदमे फर्जी हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन ने बगैर किसी सूचना या नोटिस के सीधी कार्रवाई की है। जबकि ऐसे मामले में पहले नोटिस जारी किया जाता है।