बीकानेर

RIP Asha Bhosle : देशनोक करणी माता की अनन्य भक्त थीं आशा ताई, क्या जानते हैं राजस्थान से ये ख़ास कनेक्शन? 

सुर साम्राज्ञी आशा भोंसले के निधन से राजस्थान में शोक की लहर है, लेकिन मरुधरा के साथ उनका एक अनूठा और आध्यात्मिक रिश्ता हमेशा अमर रहेगा।
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Apr 12, 2026
Karni Mata Temple and Asha Bhosle - FILE PIC
Karni Mata Temple and Asha Bhosle - FILE PIC

सुरों की मल्लिका आशा भोंसले अब हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन राजस्थान की माटी और यहाँ की लोक आस्था के साथ उनका रिश्ता युगों-युगों तक याद रखा जाएगा। बहुत कम लोग जानते हैं कि बॉलीवुड की 'कैबरे क्वीन' कही जाने वाली आशा भोंसले का एक रूप 'भक्तिमयी' भी था, जो सीधे राजस्थान के बीकानेर से जुड़ा था। आशा ताई ने विश्व प्रसिद्ध बीकानेर के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर के लिए डिंगल भाषा में विशेष भजनों और 'भोग आरती' को अपनी आवाज दी थी।

डिंगल भाषा की कठिन चुनौती और आशा की आवाज

आशा भोंसले ने करीब 7 साल पहले राजस्थान की ऐतिहासिक और वीर रस प्रधान 'डिंगल भाषा' में एक वीडियो एल्बम के लिए गायन किया था। डिंगल भाषा अपने कठोर वर्णों और कर्कश प्रवाह के लिए जानी जाती है, जिसे गाना किसी भी गैर-राजस्थानी गायक के लिए बेहद कठिन माना जाता है। लेकिन आशा जी ने अपनी साधना से इस भाषा के साथ ऐसा न्याय किया कि सुनने वाले भाव-विभोर हो गए।

करणी माता के भजन वीडियो की तस्वीर

डिंगल भाषा की प्रमुख विशेषताएं, जैसे 'ड' और 'ढ' वर्णों की प्रधानता और वीर काव्य शैली को उन्होंने बखूबी पकड़ा। डिंगल में ऐसा वीडियो एल्बम पहली बार बना था, जिसमें किसी बॉलीवुड हस्ती ने आवाज दी थी।

पंचम दा स्टूडियो में गूंजी थी करणी माता की स्तुति

इन भजनों की रिकॉर्डिंग मुंबई के प्रसिद्ध 'पंचम दा स्टूडियो' में हुई थी। इस खास प्रोजेक्ट के पीछे राजस्थान के ही दो सपूतों का हाथ था- देशनोक निवासी कैलाश बोथरा और नोखा के श्याम दैया। इन दोनों के प्रयास से आशा ताई ने करणी माता की महिमा का बखान किया। इस एल्बम में संगीतकार सतीश देहरा थे, जबकि बीकानेर के गायक अजय सिंह ने आशा जी के साथ अपनी आवाज साझा की थी।

यूट्यूब पर आज भी उमड़ती है भक्तों की भीड़

आशा भोंसले द्वारा गाए गए करणी माता के ये भजन और वीडियो आज भी यूट्यूब पर उपलब्ध हैं। माँ करणी के भक्त जब इन भजनों को सुनते हैं, तो उन्हें यकीन नहीं होता कि एक बॉलीवुड सिंगर ने डिंगल भाषा के कठिन शब्दों का इतना शुद्ध उच्चारण किया है। उनके निधन के बाद आज ये भजन राजस्थान के हर घर में उनकी याद के रूप में गूंज रहे हैं।

आशा भोसले के गाए भजन

क्या होती है डिंगल भाषा?

डिंगल पश्चिमी राजस्थान (मारवाड़ी) की एक प्रमुख साहित्यिक शैली है। यह मुख्य रूप से चारण और भाट कवियों द्वारा रचित है।

  • वीर रस की प्रधानता: इसमें युद्ध के वर्णन और राजाओं के गुणगान की अधिकता होती है।
  • साहित्यिक रूप: यह केवल बोलचाल की भाषा नहीं, बल्कि उच्च कोटि के साहित्य सृजन की शैली है।
  • कठोर शैली: इसमें वर्णों का प्रवाह ऐसा होता है जो वीरता का संचार कर दे।
Updated on:
12 Apr 2026 03:25 pm
Published on:
12 Apr 2026 03:25 pm