जिले में घने कोहरे का असर मंगलवार को दूसरे दिन भी बना रहा। अलसुबह आसमान साफ होने से धूप निकलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन सुबह करीब सात बजे अचानक कोहरे की चादर बिछ गई और देखते ही देखते पूरा शहर कोहरे के आगोश में आ गया। सुबह दस बजे तक सूर्य कोहरे की रजाई […]
जिले में घने कोहरे का असर मंगलवार को दूसरे दिन भी बना रहा। अलसुबह आसमान साफ होने से धूप निकलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन सुबह करीब सात बजे अचानक कोहरे की चादर बिछ गई और देखते ही देखते पूरा शहर कोहरे के आगोश में आ गया। सुबह दस बजे तक सूर्य कोहरे की रजाई से झांकता नजर आया, जिससे धूप का असर कमजोर रहा। कोहरे के चलते अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार को यह 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं न्यूनतम तापमान भी गिरकर 7.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो एक दिन पहले 9.2 डिग्री सेल्सियस था।
दृश्यता लगभग शून्य
घने कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही। हालात ऐसे थे कि कुछ भी साफ नजर नहीं आ रहा था। वाहन चालकों को लाइटें जलाकर रेंगते हुए चलना पड़ा। कोहरे के कारण लोगों की दिनचर्या देर से शुरू हुई और सर्दी से बचाव के लिए अलाव का सहारा लिया गया।
दो दिन मावठ की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से गुरुवार और शुक्रवार को बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में मावठ होने की संभावना है। विभाग के मुताबिक 21 जनवरी की रात से पश्चिमी विक्षोभ का असर दिख सकता है, जिससे आगामी दिनों में तापमान में और गिरावट आने की उम्मीद है।