
राजस्थान के बीकानेर जिले की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) के जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट की घटना सामने आई। नगर निगम बीकानेर के वार्ड नंबर 50 में प्रत्याशी के चुनावी कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हुई इस मारपीट और हमले ने कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी पिता-पुत्र को 6 साल के लिए पार्टी से तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़ित जिलाध्यक्ष की लिखित शिकायत में महिला कांग्रेस की बीकानेर शहर जिलाध्यक्ष शशिकला राठौड़ की संलिप्तता की आशंका जताई गई, जिसके बाद जयपुर से लेकर बीकानेर तक कांग्रेस खेमे में खलबली मच गई है।
जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल द्वारा दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत ने इस विवाद में नया मोड़ ला दिया। मेघवाल ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि इस पूरी साजिश और मारपीट के पीछे महिला कांग्रेस बीकानेर शहर की जिलाध्यक्ष शशिकला राठौड़ का हाथ है। शिकायत में नाम सामने आते ही बीकानेर कांग्रेस के राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष सारिका सिंह को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
सारिका सिंह को निर्देश दिया गया है कि वे शशिकला राठौड़ की इस प्रकरण में संलिप्तता की गहन जांच करें। मामले की पूरी जांच कर अगले 2 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय (PCC) को सौंपने के आदेश दिए गए हैं। यदि जांच में महिला नेत्री की भूमिका पाई जाती है, तो उन पर भी निलंबन की गाज गिरना तय माना जा रहा है।
मामले में नाम उछलने के बाद से ही महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशिकला राठौड़ की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि बीकानेर कांग्रेस में लंबे समय से चल रही वर्चस्व की लड़ाई अब खुलकर सामने आ गई है। फिलहाल पूरे संगठन की नजरें अगले 2 दिनों में आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके बाद ही इस हाई-प्रोफाइल मारपीट कांड की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
शशिकला राठौड़ बीकानेर में कांग्रेस पार्टी की एक सक्रिय महिला नेत्री हैं, जो वर्तमान में बीकानेर शहर महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं। वे कांग्रेस संगठन में पिछले काफी समय से जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं। शहर महिला कांग्रेस की कमान मिलने से पहले वह बीकानेर देहात (ग्रामीण) महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह द्वारा जुलाई 2025 में संगठनात्मक फेरबदल के दौरान उन्हें बीकानेर शहर महिला कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसके बाद सितंबर 2025 में उन्होंने औपचारिक रूप से 'नारी न्याय सम्मेलन' के दौरान अपना पदभार ग्रहण किया था।
शशिकला राठौड़ बीकानेर में पार्टी के कार्यक्रमों, केंद्र/राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों (जैसे महंगाई, महिला आरक्षण और स्थानीय मुद्दे) का नेतृत्व करने में काफी मुखर रही हैं। उन्हें स्थानीय स्तर पर पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं के करीबी गुट का माना जाता है।
घटना बीकानेर नगर निगम के वार्ड नंबर 50 की है, जहां पार्टी प्रत्याशी के नए कार्यालय का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था। जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में वहां पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान ही स्थानीय नेताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पार्टी के ही कुछ कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जिलाध्यक्ष मेघवाल के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। मारपीट के इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो भी सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं और सबसे बड़े साक्ष्य भी हैं।
घटना की सूचना तुरंत जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय को दी गई। राजस्थान कांग्रेस नेतृत्व ने अनुशासनहीनता और जिलाध्यक्ष स्तर के पदाधिकारी पर हमले को बेहद गंभीरता से लिया।
प्राथमिक जांच और रिपोर्ट के आधार पर संगठन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मारपीट में शामिल आरोपी नेता 'पिता-पुत्र' की प्राथमिक सदस्यता रद्द करते हुए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।