
बीकानेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल। फोटो: पत्रिका
बीकानेर। निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस में बुधवार का दिन सियासी उठापटक और अंतर्कलह के नाम रहा। एक तरफ शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट की घटना सामने आई, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे यशपाल गहलोत और दीपक अरोड़ा के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ऑडियो में गहलोत शहर जिलाध्यक्ष पर टिकट को लेकर गंभीर आरोप लगाते सुनाई दे रहे हैं।
वायरल ऑडियो में गहलोत कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मोहित अरोड़ा की टिकट काटी नहीं, बल्कि ‘चुराई’ है। वे जिलाध्यक्ष को ‘चोर’ कहते हुए यह भी कहते सुनाई दे रहे हैं कि वे यह बात खुलेआम कहेंगे। बातचीत में देहात कांग्रेस अध्यक्ष पर भी आरोप लगाए गए हैं और दोनों जिलाध्यक्षों पर मिलकर टिकट में गड़बड़ी करने की बात कही गई है। गहलोत कथित तौर पर प्रदेशाध्यक्ष और प्रभारी तक मामला ले जाने तथा टिकट नहीं मिलने पर विरोध करने की बात भी कहते सुनाई दे रहे हैं।
बीकानेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मेघवाल पर हुए हमले के बाद वायरल ऑडियो को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या टिकट वितरण को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान का इस घटनाक्रम से कोई संबंध है। हालांकि, इस संबंध में कोई प्रत्यक्ष तथ्य सामने नहीं आया है। देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिसनाराम सियाग ने बातचीत में कहा कि हमले के पीछे किसी बड़े नेता का हाथ होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस में मारपीट की यह घटना एक सप्ताह में दूसरी बताई जा रही है। इससे पहले पूर्व पार्षद सुनील गेधर के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। अब जिलाध्यक्ष के साथ हुई घटना ने प्रदेश नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। निकाय चुनाव के बीच सामने आ रही इन घटनाओं का चुनावी समीकरण और कांग्रेस के प्रदर्शन पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
निकाय चुनाव से ठीक पहले पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला से जुड़ा वीडियो और अब पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत का ऑडियो वायरल होने से कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति फिर चर्चा में आ गई है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि पूर्व मंत्री से जुड़ा वीडियो वायरल कराने के पीछे कांग्रेस के ही एक नेता का हाथ था। वीडियो वायरल करने वाला पूर्व पार्षद फिलहाल निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में है।
टिकट वितरण को लेकर पार्टी के ही वरिष्ठ नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से आरोप-प्रत्यारोप सामने आने से कांग्रेस की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रदेश नेतृत्व इन घटनाओं को किस तरह लेता है और निकाय चुनाव से पहले पार्टी में बढ़ती अंदरूनी खींचतान को कैसे थामता है।
Updated on:
03 Sept 2026 09:25 am
Published on:
03 Sept 2026 09:25 am
