
राजस्थान पत्रिका की पहल
इस जंग में अब कोई अकेला नहीं, बीकानेर से शुरू हुआ ‘साथ’, राजस्थान पत्रिका की पहल; सर्वाइवर्स बनेंगे नए मरीजों का सहारा, अगर वह इस मश्किल राह से निकल सकता है, तो मैं क्यों नहीं
बीकानेर। कैंसर सिर्फ शरीर की बीमारी नहीं, बल्कि मरीज और उसके पूरे परिवार के लिए एक गहरी भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक परीक्षा होती है। अस्पताल के बार-बार चक्कर, रिपोर्ट का भारी मन से इंतजार, कीमोथैरेपी की चिंता और भविष्य का डर आदि, इन मुश्किल घडिय़ों में दवाइयों से भी ज्यादा जरूरत होती है एक ऐसे इंसान की जो हाथ थामकर कह सके, 'मैं समझता हूं… क्योंकि मैं भी इस रास्ते से गुजरा हूं।' इसी मानवीय संवेदना और जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'साथ' (Olloi Community) की शुरुआत बीकानेर से की जा रही है। राजस्थान पत्रिका इस संवेदनशील पहल में आधिकारिक सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। 'साथ' केवल एक कम्युनिटी ऐप नहीं, बल्कि कैंसर मरीजों, सर्वाइवर्स, परिजनों और केयरगिवर्स को आपस में जोडऩे वाला एक ऑथेंटिकेटेड व सुरक्षित सेल्फ-हेल्प प्लेटफॉर्म है। यह पहल एक ऐसा अनूठा रिश्ता जोडऩे का संदेश दे रही है, जो अनजान चेहरों के जीवन में उम्मीद, भरोसा और जीने की नई हिम्मत जगा सके।
मैं समझता हूं… क्योंकि मैं भी इस राह से गुजरा हूं
कैंसर को हरा चुके लोग इस कम्युनिटी में अपने अनुभव और संघर्ष साझा करेंगे। जब कोई मरीज ऐसे व्यक्ति से बात करता है जिसने वही दर्द और डर पार किया है, तो उसमें बीमारी से लडऩे का नया हौसला जगता है। एक सर्वाइवर की कहानी किसी मरीज के लिए उम्मीद बन सकती है और केयरगिवर की सीख किसी दूसरे परिवार को संभालने की ताकत दे सकती है। यह नेटवर्क चिकित्सकीय इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि भावनात्मक संबल और प्रामाणिक जानकारी का मजबूत माध्यम बनेगा।
आपकी कहानी किसी को दे सकती है हिम्मत
'साथ' कम्युनिटी की विश्वसनीयता और गरिमा बनाए रखने के लिए केवल प्रमाणित और सत्यापित सदस्यों को ही इससे जोड़ा जाएगा। गलत जानकारी और भ्रामक सामग्री से बचाव के लिए सख्त मॉडरेशन की व्यवस्था होगी। इसमें विशेषज्ञों की बातचीत, कैंसर से जुड़े मिथक व तथ्य और भरोसेमंद संसाधन उपलब्ध रहेंगे। जब कोई अपनी जिंदगी का सबसे कठिन दौर साझा करता है, तो उसे सम्मान और सुरक्षा की जरूरत होती है; 'साथ' वही सुरक्षित और संवेदनशील माहौल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आप ऐसे बनेंगे 'साथ' के हमसफर
'साथ' कम्युनिटी में शुरुआती संस्थापक सदस्य (फाउंडर मेंबर्स) को जोडऩे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कैंसर मरीज, सर्वाइवर्स और केयरगिवर्स जो अपनी कहानी से दूसरों का हौसला बढ़ाना चाहते हैं, तो दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर या इस लिंक से आवेदन कर सकते हैं- https://apex.patrikatech.com/f/sath-signup
आवेदन के बाद टीम व्यक्तिगत संपर्क कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करेगी। राजस्थान पत्रिका की विश्वसनीयता इस पहल को एक मजबूत आधार प्रदान करती है, ताकि लोग निस्संकोच जुडक़र एक-दूसरे की हिम्मत बन सकें।
Updated on:
31 Aug 2026 08:37 pm
Published on:
31 Aug 2026 08:37 pm
