
आर्थिक रुप से कमजाेर शहरी परिवारों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए शुरु की गई इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना अब तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। स्थानीय निकायों की ओर से जरुरतमंद परिवारों के जॉब कार्ड बनवाए जा रहे है, लेकिन योजना के तहत अब तक कार्य शुरु नहीं हो पाए है। जिन लोगों के जॉब कार्ड बन चुके है, वे रोजगार के लिए निगम के चक्कर निकाल रहे है। पहले 12 जून से रोजगार उपलब्ध करवाने की बात कही जा रही थी, लेकिन जरुरतमंद परिवारों को कब से रोजगार मिलेगा, इसकी तिथि अब तक तय नहीं हो पाई है। जबकि निगम प्रशासन अधिक से अधिक लोगों के जॉब बने इस मुहिम में जुटा हुआ है। वहीं योजना के क्रियान्वयन और प्रबंधन के लिए संविदा आधार पर कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया को भी स्थगित किया जा चुका है।
चारों निकायों में बने 2236 जॉब कार्ड
योजना के तहत बीकानेर नगर निगम क्षेत्र सहित नगर पालिका नोखा, देशनोक और श्रीडूंगरगढ़ में रोजगार की उम्मीद में 2236 जॉब कार्ड बन चुके है। इनमें निगम क्षेत्र में सर्वाधिक 1208 जॉब कार्ड बने है। जबकि नगर पालिका देशनोक में 535, नोखा में 406 और श्रीडूंगरगढ़ नगर पालिका क्षेत्र के लिए 87 जॉब कार्ड बन चुके है।
जन आधार कार्ड से बन रहे जॉब कार्ड
निगम आयुक्त गोपालराम बिरदा के अनुसार योजना के तहत जरुरतमंद परिवार जॉब कार्ड बनवाने के लिए ई मित्र के माध्यम से निशुल्क आवेदन कर सकते है। जॉब कार्ड के लिए परिवार का जन आधार कार्ड आवश्यक है। जनआधार कार्ड के माध्यम से योजना के तहत कार्य मांगने के लिए जॉब कार्ड जारी होगा। आयुक्त के अनुसार योजना के तहत कार्यो की शुरुआत जल्द होगी।
इन क्षेत्रों में मिलेगा रोजगार
इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत पात्र परिवारों को कार्य मांगने पर तालाबों की सफाई, सड़कों पर बने रोड डिवाइडर की रंगाई-पुताई, सड़कों के किनारे उग आई झाडि़यों को हटाना, नर्सरी में पौधे तैयार करना, पौधारोपण, पार्को की देखभाल, नालियों की सफाई सहित विभिन्न प्रकार के कार्यो में रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा।