
Bikaner Crime : सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद गाजियाबाद की एक युवती के साथ 5 वर्षीय बेटी सहित घर छोड़कर गई 32 वर्षीय विवाहिता के मामले में परिवार ने धर्म परिवर्तन की आशंका जताई है। पुलिस ने विवाहिता को लखनऊ में तलाश लिया, लेकिन उसने लौटने से इनकार कर दिया। पुलिस से संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए परिजन ने इस्तगासा दायर किया। विवाहिता 16 जून को अपनी बेटी के साथ घर से चली गई थी। पड़ताल में सामने आया कि वह एक युवती के साथ बस से लखनऊ गई थी। बस का टिकट गाजियाबाद निवासी गुलबहार उर्फ मायरा खान ने बुक कराया था। इसके बाद परिजनों ने गंगाशहर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
विवाहिता और पांच वर्ष की बच्ची को भगाकर ले जाने के मामले में गाजियाबाद की युवती गुलबहार की भूमिका सवालों के घेरे में हैं। सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद गाजियाबाद की महिला का बीकानेर आना, सात दिन तक यहां रहकर उनको अपने साथ अपने घर गाजियाबाद की बजाय लखनऊ ले जाना सभी को अखर रहा है। पूछताछ और पड़ताल के बाद परिवार की ओर से उपखंड अधिकारी के यहां पेश इस्तगासे में बताया गया है कि गुलबहार के खिलाफ दिल्ली के एक थाने से सर्च वारंट जारी है। गुलबहार की शादी मार्च माह में दिल्ली में करवाई गई थी। उसके बाद परिवार के लोगों ने ही गुलबहार को गायब कर उसके पति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवा दिया। इस मामले में पुलिस ने उसके पति को जेल तक भेज दिया था। इसके बाद वह युवतियों को फंसा कर धर्म परिवर्तन करवाने वाले गिरोह से जुड़ गई। हालांकि इनमें से किसी भी तथ्य की जांच अभी तक स्थानीय पुलिस ने नहीं की है।
इस मामले में परिवार की ओर से किए गए इस्तगासे के दावों में हकीकत है तो पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। कानूनन कोई भी वयस्क अपनी मर्जी से कहीं जा सकता है, लेकिन पुलिस को पहले दिन ही गुलबहार के नाम की जानकारी मिल गई। ट्रेवल्स एजेंसी की जांच में उसका मोबाइल नंबर भी मिल गया। लेकिन पुलिस ने गुलबहार के संबंध में जांच नहीं कि वह सात दिन यहां किसके और किस उद्देश्य से रही। इसके अलावा लखनऊ में भी उससे इस संबंध में की गई पूछताछ की जानकारी सामने नहीं आई है।
परिजन के अनुसार विवाहिता की गुलबहार से सोशल मीडिया के जरिए पहचान हुई थी। आरोप है कि गुलबहार सात दिन तक बीकानेर में रुकी और विवाहिता को बेटी सहित अपने साथ लखनऊ जाने के लिए तैयार किया। गंगाशहर थानाधिकारी परमेश्वर सुथार ने बताया कि विवाहिता को लखनऊ में ट्रेस कर लिया गया। उसने अपनी इच्छा से वहीं रहने की बात कही है।
बेटी को लेकर विवाहिता के घर से जाने के बाद परिवार लोग सकते में हैं। मोहल्ले लोग भी इस वारदात पर अचरज कर रहे हैं। विवाहिता के पति का कहना है कि उसकी पत्नी और 5 वर्ष की बेटी ऐसे गिरोह के चंगुल में फस गई है, जिसका रास्ता धर्म परिवर्तन की ओर जाता है। बीकानेर पुलिस ने जब उसे लखनऊ में बुलाया तो वह बेहद डरी हुई थी। उसने डरते हुए कहा कि वह वापस नहीं जाना चाहती। उसकी बेटी और पत्नी को इस चंगुल से नहीं निकाला गया तो वह उसके साथ किसी भी तरह की आपराधिक वारदात कर सकते हैं।
इस प्रकरण में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज थी। पुलिस को विवाहिता व उसकी बेटी को बीकानेर लाकर मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराने आवश्यक थे, लेकिन पुलिस ने लड़की के प्रभाव में होने के बावजूद विवाहिता और उसकी बेटी को वहीं छोड़कर आ जाना प्रथमदृष्टया पुलिस की लापरवाही है।
शैलेष गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता, बीकानेर
विवाहिता के परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं वो जांच का विषय है। जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा। फिलहाल एसडीएम को पत्र लिखकर वारंट जारी करवा रहे हैं, ताकि उन्हें बीकानेर लाया जा सके।
मृदुल कच्छावा, पुलिस अधीक्षक