
Bikaner Road Accident: बीकानेर। राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर सेसोमूं स्कूल के सामने रविवार दोपहर करीब सवा तीन बजे ओवरटेक के दौरान एक निजी बस और जीप की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में बुआ-भतीजी समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए, जबकि बस का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और एंबुलेंस की मदद से घायलों को बाहर निकालकर उपजिला अस्पताल पहुंचाया।
श्रीडूंगरगढ़ थानाधिकारी कश्यप सिंह ने बताया कि हादसे में जीप सवार शिवानी, मेघा और चालक दानीराम की मौत हो गई। अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बीकानेर रेफर किया गया। एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के अस्पताल पहुंचने पर मेडिकल टीम अलर्ट हो गई और अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार निजी बस जयपुर की ओर जा रही थी, जबकि जीप बीकानेर की तरफ आ रही थी। ओवरटेक के दौरान बस जीप से टकरा गई। दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के वाहन चालक मदद के लिए रुक गए और राहत कार्य में जुट गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि जीप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
एएसआई गजेन्द्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक जानकारी के मुताबिक गुंसाईसर छोटा निवासी परिवार रविवार को तौलियासर गांव स्थित भैरुंजी मंदिर में दर्शन कर वापस गांव लौट रहा था, लेकिन रास्ते में यह परिवार हादसे का शिकार हो गया। दुर्घटना के तुरंत बाद आस-पास के लोगों ने तुरंत मदद की। एपीजे अब्दुल कलाम ट्रस्ट के सेवादार एवं समाजसेवी हरीकिशन सिंह राजपुरोहित ने घायलों को वाहनों से बाहर निकालने, एंबुलेंस तक पहुंचाने और अस्पताल भिजवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रहे हादसों के बाद एक बार फिर श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेंटर की स्थापना और श्रीडूंगरगढ़-बीकानेर मार्ग को फोरलेन करने की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेहतर ट्रॉमा सुविधा और चौड़ी सड़क होने से दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा कम किया जा सकता है।