
Bikaner Road Accidents: सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में 38वां सड़क सुरक्षा माह मनाया गया। वर्तमान में विशेष सड़क सुरक्षा अभियान भी चल रहा है, लेकिन बीकानेर जिले में इसका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा। हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जून माह के शुरुआती 18 दिनों में ही जिले में कई बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 23 लोगों की जान चली गई।
यातायात नियमों की अनदेखी, ओवरस्पीड, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के सफर जैसी लापरवाहियां लगातार हादसों की वजह बन रही है। परिवहन विभाग और पुलिस की ओर से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, लेकिन आमजन अब भी नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। नतीजतन सड़क सुरक्षा अभियान के बीच भी दुर्घटनाओं का ग्राफ कम होने के बजाय चिंता बढ़ा रहा है।
पीबीएम अस्पताल बीकानेर के ट्रॉमा सेंटर के सीएमओ डॉ. एल.के. कापिल के मुताबिक सड़क दुर्घटनाओं में घायल होकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। संभाग के सबसे बड़े ट्रॉमा सेंटर होने के कारण बीकानेर के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी घायल यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। जून माह में अब तक 267 से अधिक घायल सड़क हादसों का शिकार होकर अस्पताल पहुंचे हैं। इनमें 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
केस-1 : एक परिवार के सात सदस्यों की मौत : श्रीडूंगरगढ़ में 15 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीराजल होटल के पास कार और ट्रेलर में आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई।
केस-2 : दो सगे भाइयों की जान गई : 16 जून को श्रीडूंगरगढ़ के कालू रोड पर कार और पिकअप की टक्कर में 2 सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए।
सेवानिवृत आरपीएस ओमप्रकाश जोशी का कहना है कि केवल अभियान चलाने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी नहीं आएगी। नियमों की सख्त पालना, प्रभावी निगरानी और चालकों की जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी है। विशेष रूप से युवाओं में हेलमेट, सीट बेल्ट और निर्धारित गति सीमा के प्रति गंभीरता विकसित करना समय की जरूरत है।
वाहन चालकों के साथ लगातार समझाइश और सख्ती की जा रही है। दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण भी किया जा रहा है। ओवरस्पीड और लापरवाही के मामलों में टोल नाकों व संबंधित थाना पुलिस के समन्वय से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-अनिल पण्ड्या, क्षेत्रीय प्रादेशिक परिवहन अधिकारी
सड़क हादसों में कमी के हर संभव प्रयास कर रहे हैं। अब हाइवे पर निगरानी बढ़ाई गई हे। साथ ही रेस्क्यू वाहन तैनात किए गए हैं, ताकि हादसे के बाद घायलों को तुरंत मदद दिलाई जा सके।
-मृदुल कच्छावा, पुलिस अधीक्षक