बीकानेर

जिस समाज में साक्षर होना ही बड़ी बात, उसका गिरधारी पढ़ेगा आइआइटी खडग़पुर में

Bikaner - बीकानेर. जिस सांसी समाज में शिक्षा का स्तर काफी कम और साक्षर होना ही बड़ी बात होती है, उस सांसी समाज का गिरधारी अब आइआइटी खडग़पुर में पढ़ेगा। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे से 26 किलोमीटर दूर सुरजनसर गांव निवासी गिरधारी ने आइआइटी खडग़पुर में कृषि एवं खाद्य विभाग में प्रवेश लिया है। अब गिरधारी यहां कृषि संबंधित पढ़ाई करेगा।
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Updated: 26 Jul 2019, 6:00 AM IST
Bikaner student study in IIT Kharagpur
जिस समाज में साक्षर होना ही बड़ी बात, उसका गिरधारी पढ़ेगा आइआइटी खडग़पुर में

बीकानेर. जिस सांसी समाज में शिक्षा का स्तर काफी कम और साक्षर होना ही बड़ी बात होती है, उस सांसी समाज का गिरधारी अब आइआइटी खडग़पुर में पढ़ेगा। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे से 26 किलोमीटर दूर सुरजनसर गांव निवासी गिरधारी ने आइआइटी खडग़पुर में कृषि एवं खाद्य विभाग में प्रवेश लिया है। अब गिरधारी यहां कृषि संबंधित पढ़ाई करेगा।

कृषि एवं खाद्य विभाग में मिला प्रवेश

गिरधारी के पिता सुन्दरलाल खेती व मनरेगा में मजूदरी करते है। गिरधारी के सात भाई व पांच बहनें है। वह सभी भाइयों में सबसे छोटा है। गिरधारी ने बताया कि उसके पिता व बड़े भाइयों ने मनरेगा में मजदूरी व बटाई पर खेती करके छोटे भाई की सीकर में लाखों रुपए की फीस जमा कराई। गिरधारी के बड़े भाई तेजाराम सांसी ने ही उसकी पूरी पढ़ाई का खर्चा वहन किया है। तेजाराम भी एयरफोर्स में कोरपोरलर में कार्यरत है। गिरधारी ने बताया कि उन्होंने जमकर पढ़ाई की और अब एक अच्छा इंजीनियर बनकर परिवार की स्थिति सुधारना चाहते हैं। वे अपने माता-पिता, भाई-बहनों के सपने पूरा करना चाहते हैं।

होनहार है गिरधारी

गिरधारी ने बताया कि सांसी जाति पूरे राजस्थान में घुमक्कड़ जनजातियों की तरह जीवनयापन करती है। सांसी जाति मृत पशु डालने व कचरा उठाने का काम करती है। उन्होंने बताया कि पूरे गांव में 10 से 12 घर ही सांसी जाति के हैं। गिरधारी ने जेईई एडवांस परीक्षा में सफलता हासिल की। जेईई एडवांस में कैटेगरी वाइज 2134वीं रैंक प्राप्त की है। 10वीं कक्षा में 90.14 प्रतिशत व 12वीं में 86.20 प्रतिशत अंक हासिल किए।

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