
हेम शर्मा/बीकानेर. इंदिरा गांधी मुख्य नहर की २२ आरडी पर जल संसाधन मंत्री के निर्देश पर बिना स्वीकृति और बिना योजना के पुल का निर्माण किया जा रहा है। मौके पर अब भी चल रहे काम की वजह से नहर में हरिके से थोड़ा पानी छोड़ा जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य पूरा करवाया जा सके। इस निर्माण के चलते नहर का पानी बीकानेर पहुंचने में देरी होने की आशंका है। सूत्रों के अनुसार २२ आरडी पर यह निर्माण नहरबंदी की योजना में नहीं था।
यहां तक कि विभाग के अभियंताओं ने तकनीकी कारणों से यहां काम करवाने से मना कर दिया। इसके बावजूद जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप के निर्देशों पर यह काम करवाया जा रहा है। विभाग के इंजीनियरों के मना करने पर मंत्री के निर्देश पर दो सेवानिवृत्त मुख्य अभियंताओं की देख-रेख में ठेकेदारों से निर्माण काम करवाया जा रहा है। इस कार्य से पानी पहुंचने में होने वाले विलम्ब को जनता को भुगतना होगा। इस सम्बन्ध में मंत्री से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
ऐसे बदली स्थिति
नहर में पानी ३० अप्रेल को छोड़ गया। पूरा पानी छोडऩे से यह ३-४ मई तक बीकानेर पहुंच जाता। कम मात्रा में पानी छोडऩे से नहर विभाग के अधिकारियों ने पहले ६-७ दिन तक पानी पहुंचने की बात कही। अब ३ मई को पूरा पानी ७ हजार क्यूसेक छोडऩे की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि यह पानी ९ मई तक पहुंचेगा।
मौके की स्थिति
बताया जा रहा है कि २२ आरडी के पुल की सीपेज के कारण जर्जर स्थिति रही है। अब पुल को चौड़ा किया जा रहा है। इसका एस्टीमेट नहीं बना और टेण्डर भी नहीं हुए। कोई ठेकेदार भी तय नहीं है। आनन-फानन में नहरबंदी के आखिरी दिनों में काम शुरू किया गया। मौके पर गड्ढा खुदा हुआ है। इसमें १०० टन सरिया अब भी लगना है।
आखिरी छोर पर हालात खराब
मसीतावाली हैड (जीरो आरडी) से आगे २२ आरडी पर पुल निर्माण का काम चल रहा है। नहर में पानी आने तक नहरबंदी के चलते होने वाले काम किए जाएंगे। नहर में हरिके बैराज से ३ मई को ७ हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इससे अब ६-७ मई की बजाय ९ मई तक पानी पहुंच पाएगा। हरिके से मंगलवार को १५ सौ क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उधर, नहर के आखिरी छोर के गांवों में पीने के पानी को लेकर हालात खराब है। ऐसे में पानी आने में और देरी मुश्किल बढ़ा सकती है।
काम नहरबंदी के प्लान में नहीं
&यह सही है कि २२ आरडी पर पुल बनाने का कार्य नहरबंदी के दौरान होने वाले कार्यों की सूची में स्वीकृत नहीं था। जब नहरबंदी हुई तो पुल की जर्जर अवस्था देखकर यह काम करवाने का निर्णय किया गया। अब भी २२ आरडी पर काम चल रहा है। जब तक २२ आरडी तक पानी आएगा, तब तक नहरबंदी के दौरान होने वाले काम पूरे कर दिए जाएंगे। बाद में २२ आरडी पर ही काम बचेगा तो वह नहर चलते हुए भी किए जा सकते हैं। अब ३ मई को ७ हजार क्यूसेक पानी छोड़ जाएगा। इससे ९ मई तक पानी यहां पहुंच पाएगा।
केएल जाखड़, मुख्य अभियंता, हनुमानगढ़