बीकानेर

कैंसर अस्पताल: बीकानेर में पहली बार साढ़े चार घंटे में ब्रेस्ट कैंसर के हुए पांच ऑपरेशन

चिकित्सकों का दावा है कि एक ही दिन में ब्रेस्ट कैंसर के ऑपरेशन इतने कम समय में बीकानेर में पहली बार हुए हैं।
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Updated: 4 Jun 2018, 11:58 AM IST
Cancer hospital
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बीकानेर. पीबीएम से संबद्ध आचार्य तुलसी कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र में एक ही दिन में ब्रेस्ट कैंसर के पांच ऑपरेशन किए गए हैं। यह ऑपरेशन सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. भूपेन्द्र शर्मा व उनकी टीम ने महज साढ़े चार घंटे में किए हैं। चिकित्सकों का दावा है कि एक ही दिन में ब्रेस्ट कैंसर के ऑपरेशन इतने कम समय में बीकानेर में पहली बार हुए हैं।

डॉ. शर्मा ने बताया कि करीब २५ दिन पहले बिन्दर कौर, मेवा देवी, लक्ष्मी देवी, कमला देवी एवं रजिया बेगम कैंसर अस्पताल में चेकअप कराने आई जो ब्रेस्ट कैंसर से पीडि़त थीं। ब्रेस्ट में बड़ी गांठ उभर आई थी। गांठ का वजन अधिक होने के साथ वह काफी सख्त थी, जिससे उन्हें असहनीय दर्द था।

महिलाएं ब्रेस्ट में गांठ की समस्या से लंबे समय से परेशान थीं। कैंसर अस्पताल की ओपीडी में आने पर उनकी सभी जरूरी जांचें कराई गई। सभी महिलाओं की सीटी स्केन, ईसीजी, रक्त संबंधी जांचें कराने के बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। ३० मई को सभी महिलाओं का ऑपरेशन कर कैंसर की गांठ (ब्रेस्ट) को निकाला गया।

पांचों ऑपरेशन करने में करीब साढ़े चार घंटे का समय लगा। ऑपरेशन के बाद अब महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार है। पांचों ऑपरेशन अस्पताल के निर्धारित समय में किए गए थे। चिकित्सकों की टीम में यह ऑपरेशन टीम में डॉ. शर्मा के अलावा एनेस्थिसिया के डॉ. रहमान, डॉ. सुभाष शर्मा, नर्सिंगकर्मी कृष्णा स्वामी, बसंती, सरदार खान, अभिलाषा, रामकिशन, अंबिका एवं अनुराधा, संजय आदि शामिल थे।

मरीज की मौत पर फिर हंगामा

बीकानेर. पीबीएम अस्पताल में मरीज की मौत पर रविवार रात फिर हंगामा हुआ। हालांकि बाद में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश से मामला शांत हो गया। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। नोखा के प्रकाश (५९) पुत्र तोलाराम को सुबह अस्पताल के डी वार्ड में भर्ती कराया गया। उसकी हालत बेहद खराब थी।

चिकित्सकों के मुताबिक उसके गले में ब्लॉकेज था। शाम को उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिससे मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उपनिरीक्षक संदीप बिश्नोई एवं हवलदार विनोद भांभू मौके पर पहुंचे और मामला शांत करवाया।

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