
बीकानेर . देश के नागरिक देश की राजनीति को किस तरफ ले जाना चाहते हैं, यह तय करना पड़ेगा। देश की राजनीति भारतीय संविधान सम्मत हो। समानता, धर्म निरपेक्षता आधारित हो, जात-पांत, ऊंच-नीच से परे संविधान की प्रस्तावना के अनुरूप राजनीति हो, इसका नागरिकों को संकल्प लेना होगा। बचपन से ही जैसे बच्चों को डाक्टर, इंजीनियर बनाने की तैयारी करवाई जाती है, ऐसे ही राजनीति करने एवं नेता बनने की भी तैयारी करवाई जाए। ऐसा नहीं करेंगे तो राजनीति स्वच्छ नहीं होगी। ये विचार गुरुवार को 'राजस्थान पत्रिकाÓ के चेंजमेकर अभियान में विशेषज्ञों के साथ परिचर्चा में सामने आए।
पत्रिका कार्यालय में आयोजित परिचर्चा की अध्यक्षता पूर्व विधायक आरके दास गुप्ता ने की। वक्ताओं ने कहा कि राजनीति में भ्रष्टाचार, स्वार्थ, जात-पांत एवं पूंजीवाद, बाहुबलियों का बोलबाला है। लोगों ने पीढ़ी दर पीढ़ी राजनीति को पेशा बना लिया है। ऐसे लोग जनता के प्रति उत्तरदायी नहीं है। परिचर्चा में दो सेवानिवृत्त जज, प्रोफेसर, राजनीति से जुड़े लोग एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
यह हुए शामिल
पूर्व विधायक आरके दास गुप्ता, डीन प्रो. दीपिका धवन, सामाजिक कार्यकर्ता शिवा लाल तेजी, पूर्व प्राचार्य डॉ. शुक्ला बाला पुरोहित, व्यापारी घन श्याम लखाणी, सेवानिवृत जज जितेन्द्र सिंह यादव, कॉलेज व्याख्याता डॉ. अजय पुरोहित, पार्षद आदर्श शर्मा, सोशल एक्टिविट्स डॉ. प्रभा भार्गव, एडवोकेट अजय पुरोहित, युवा तनुज सारस्वत, कार्यकर्ता दिनेश जाखड़, सेवानिवृत जज लीलाधर स्वामी, सामाजिक कार्यकर्ता रतन लाल चंवारिया, पार्षद राजेन्द्र शर्मा, काउंसलर सुधा जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता भरत पुरोहित, शिव शंकर हर्ष व आनन्द सोनी।
भामाशाहों का होगा सम्मान
बीकानेर. शिक्षा विभाग में 15 लाख से अधिक दान देने वाले भामाशाहों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। ये राज्य स्तरीय सम्मान समारोह 28 जून को भामाशाह दिवस पर जयपुर में आयोजित किया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पीसी किशन ने सभी प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा उपनिदेशकों व जिलाशिक्षा अधिकारियों को उनके अधीनस्थ जिलों में सहयोग करने वाले भामाशाहों व प्रेरकों के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने शिक्षा अधिकारियों को ऐसे भामाशाहों के प्रस्ताव 22 मई तक भेजने के निर्देश दिए हैं जिन्होंने एक अप्रेल 17 से 31 मार्च २०18 तक की अवधि में विद्यालयों में 15 लाख रुपए या इससे अधिक के विकास कार्य करवाए हो। इसके अलावा 30 लाख से अधिक की राशि दान करने के लिए प्रेरित करने वाले प्रेरकों को भी इस समारोह में प्रेरक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
मिलेगा शिक्षा भूषण व शिक्षा विभूषण सम्मान
सरकारी स्कूलों में 15 लाख से एक करोड़ रुपए तक के कार्य कराने वाले भामाशाहों को शिक्षा भूषण सम्मान से तथा एक करोड़ से अधिक सहयोग करने वाले भामाशाह को शिक्षा विभूषण से सम्मानित किया जाएगा।