
पेयजल किल्लत
बीकानेर . गर्मी के दौर में नहरबंदी ने आमजन को झकझोर दिया है। एक तरफ भीषण गर्मी तो दूसरी तरफ पानी किल्लत, इसके अलावा जलापूर्ति में कटौती ने लोगों के समक्ष पानी का संकट खड़ा कर दिया। एेसे में लोग पानी के टैंकर खरीदने को मजबूर हैं।
गर्मी के तेवर तीखे होने के बाद पानी की खपत बढ़ गई है। ऐसे में पानी के टैंकर वालों वालों की चांदी हो रही है। पानी की किल्लत के चलते टैंकरों की कीमत बढ़ गई है। टैंकर चालक दूरी के आधार पर दर निर्धारित करते हैं। यही वजह है कि एक टैंकर पानी 300 से ७०० रुपए तक मिलता है।
इसमें छोटे टैंकरों की दरें ढाई सौ से तीन सौ रुपए है, वहीं बड़े टैंकरों की दरें पांच सौ रुपए से शुरू होकर दूरी के लिहाज से बढ़ती रहती हैं। आम दिनों में बड़े टैंकर भी तीन सौ रुपए तक मिल जाते हैं, लेकिन इन दिनों मांग बढऩे से टैंकर मालिकों ने कीमत बढ़ा दी है।
यहां है नलकूप
शहरी क्षेत्रों में जयनारायण व्यास कॉलोनी, तिलक नगर, गंगाशहर, भीनासर, सुजानदेसर, गजनेर रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में एक दर्जन से भी अधिक निजी नलकूप (ट्यूबवैल) हैं, जहां से टंकियां व टैंकर भरे जाते हैं।
बढ़ रही खपत
शहरी क्षेत्र में जलदाय विभाग एक दिन के अन्तराल में जलापूर्ति कर रहा है। इस कटौती के कारण लोगों के घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। घरों में कूलर चलने से पानी की खपत बढ़ गई है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं आने से परेशानी उठानी पड़ रही है। यही वजह है कि टैंकरों से पानी खरीदना पड़
रहा है।
टंकियों से भी आपूर्ति
ऊंट गाड़ों की टंकियों से पेयजल आपूर्ति होता है, लेकिन शहरी क्षेत्र में संकरी गली तक भी टैंकर आसानी से पहुंच जाते हैं। इस कारण लोग टैंकर खरीदना ज्यादा बेहतर समझते हैं। टंकियों की दरें भी इन दिनों सौ से डेढ़ सौ रुपए तक है। परकोटे के मोहल्लों तक टैंकर ही पहुंच रहे हैं।
नहर में २८ अप्रेल को देर रात छोड़ा जाएगा पानी
बीकानेर. इंदिरा गांधी नहर में 28 अप्रेल को देर रात पानी छोड़ा जाएगा। इससे शहर में 7 से 8 मई तक पेयजल सप्लाई की सामान्य स्थिति होने की संभावना है। यह जानकारी गुरुवार को इंदिरा गांधी नहर परियोजना के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा ने संभागीय आयुक्त के साथ नहरबंदी की समीक्षा को लेकर आयोजित बैठक में दी।
यह बैठक सिंचित क्षेत्र विकास आयुक्त अनिल गुप्ता ने गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की। बैठक में नहरबंदी के दौरान जल वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही आयुक्त ने निर्देश दिए कि नहरबंदी के बचे हुए समय में उपलब्धता के अनुसार प्रभावी तरीके से जल वितरण किया जाए।
स्रोतों की ली जानकारी
आयुक्त ने नहर से जलापूर्ति वाले सभी जिलों में जल भंडारण स्रोतों की स्थिति, वितरण की अवधि तथा वैकल्पिक संसाधनों आदि के बारे में जाना। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता बी. कृष्णन ने पेयजल वितरण की स्थिति की जानकारी दी। बैठक में महापौर नारायण चौपड़ा, आईजीएनपी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता (रेगूलेशन) विनोद मित्तल, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता दीपक बंसल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
Updated on:
27 Apr 2018 01:48 pm
Published on:
27 Apr 2018 01:54 pm
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