कस्बे की नई अनाज मण्डी में इन दिनों में जिंसों की आवक धीमी होने से चहल-पहल घट गई है।
लूणकरनसर. कस्बे की नई अनाज मण्डी में इन दिनों में जिंसों की आवक धीमी होने से चहल-पहल घट गई है। हांलाकि गत कई दिनों से ग्वार, सरसों, मूंगफली समेत कई जिंसों के भावों में तेजी का रुख है। अनाज मण्डी में इन दिनों में मूंगफली की आवक घट कर एक-डेढ़ हजार बोरियों तक सिमट गई है तथा पहले रोजाना सरकारी समर्थन मूल्य खरीद के बावजूद हजारों बोरियों की आवक थी तथा दिनभर बोली की वजह से मण्डी में व्यापारी, उद्यमी, किसानों समेत पल्लेदारों की चहल-पहल से रौनक थी।
मूंगफली इन दिनों ३३०० से ३७०० रुपए प्रति क्विंटल के भाव बिक रही है। बारानी क्षेत्र की मुख्य फसल ग्वार के भावों में कई दिनों से तेजी का रुख है तथा तकरीब ४४५० रुपए प्रति क्विंटल के भाव किसानों को मिल रहे है। हालांकि ग्वार की आवक रोजाना मात्र ५०० से ७०० क्विंटल है।
सरसों के भावों में भी चमक है तथा ३५०० से ३६०० रुपए प्रति क्विंटल के भाव काश्तकारों को मिल रहे है। हालांकि सरसों की आवक काफी कम है। सावणी उपज के आवक का सीजन खत्म होने से चहल-पहल काफी घटने से दिनभर व्यापारी व उद्यमी आपसी चर्चा के साथ मनोरंजन के खेल में व्यस्त रहते है।
तापमान में बढ़ोतरी से रबी की फसल प्रभावित
सूडसर. फरवरी की शुरुआत में ही मौसम के बदलाव की आहट महसूस होने लगी। दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने से गर्मी ने रबी फसलों की बढ़वार को प्रभावित किया है। तापमान के बढऩे से रबी फसलों की बढ़वार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा रहा है।
इस बार पर्याप्त ठंड नहीं पडऩे एवं मावठ नहीं होने से रबी की फसलें आशानुकूल नहीं हुई है। इससे किसान वर्ग चिंतित नजर आ रहा है। टेऊ गांव के किसान लालूराम सारण एवं सावंतसर के किसान हनुमान विश्नोई ने बताया कि इस बार ठंड कम होने से फसलें कमजोर है और आशा के मुताबिक पौधों में बढ़वार नहीं हो रही है।