
अलवर./सोडावास. लोकसभा उप चुनाव के दौरान पहाड़ भी सुकून में रहे। चुनाव खत्म होते ही अवैध खनन माफिया फिर से पहले की तरह सक्रिय हो गया है। पहाड़ों का सीना छलनी करना शुरू कर दिया है। चुनाव के समय तो प्रशासन की सख्त भाषा को माफिया ने इतने अच्छे से समझा कि पहाड़ों की तरफ आए ही नहीं आए। लेकिन चुनाव खत्म होते ही वापस अवैध खनन शुरू हो गया है। शहर में जिला मुख्यालय के पास ही नहीं पूरे जिले में पहले की तरह अवैध खनन शुरू हो गया है। बीच में प्रशासन ने कुछ जगहों पर सुरक्षा गार्ड भी तैनात किए गए। कई जगहों पर पैरा फोर्स के जवान भी लगाए गए। जिसका असर भी कुछ ही दिन रहा। फिर वापस पुराने ढर्रे पर खनन होने लग गया है।
उपखण्ड मुंडावर अंतर्गत श्योपुर, भेटन्टा, राणौठ, ततारपुर, मातौर क्षेत्र में अरावली पहाडिय़ों में अवैध खनन जमकर हो रहा है। जिससे प्रकृति का स्वरूप ही नहीं बिगड़ रहा बल्कि आमजन भी बदहाली की ओर बढ़ रहा है। आए दिन बदलते मौसम से कई तरह के विकार भी आ रहे हैं।खतरे भी पनप रहे हैं।
मुख्य सडक़ों से ओवरलोड निकल रहे
अलवर शहर में जटियाना, सोडावास, अजरका, अलवर मार्ग पर वन विभाग ने चोकी भी है। फिर भी यहां अवैध खनन के ट्रैक्टर दिन रात गुजरते हैं। इतनी तेजी से आते हैं कि कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। हमेशा दुर्घटना का डर भी बना रहता है।
श्रमिकों की हो चुकी मौत
जिले भर के टूपकड़ा, भिवाड़ी, अलवर सहित कई जगहों पर अवैध खनन में कई श्रमिक की मौत हो चुकी है। फिर भी प्रशासन कुछ दिन कार्रवाई का डर दिखाता है। बाद में वापस पहले की तरह अवैध खनन शुरू हो जाता है।
दीवारों को भी ढहा दिया
वन क्षेत्र में अवैध खनन रोकने के लिए विभाग ने मोटा पैसा खर्च कर बनवाई दीवारों को भी माफिया ने तोड़ा दिया। कई रास्ते निकाल लिए। विभाग की अनदेखी से अवैध खनन हो रहा है। चौकसी पर्याप्त नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद भी अवैध खनन माफिया को कोई रोकने नहीं पहुंचता है।
Published on:
04 Feb 2018 11:47 am
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
