जिले के कोडमदेसर गांव में कोडमदेसर भैरव का तीन दिवसीय मेला भरा। मेले के दौरान बीकानेर शहर सहित आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारो श्रद्धालु पैदल और विभिन्न साधनों से कोडमदेसर पहुंचे व बाबा की प्रतिमा के दर्शन कर चरणों में धोक लगाई। मंगलवार को तीन दिवसीय मेले की पूर्णाहुति हुई।
बीकानेर.कोडमदेसर गांव िस्थत श्री कोडमदेसर भैरवनाथ का तीन दिवसीय मेला मंगलवार को संपन्न हुआ। मेले के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा की प्रतिमा के दर्शन किए व मंदिर में धोक लगाई। बीकानेर शहर सहित आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम जारी रहा। सुबह से शाम तक मंदिर परिसर बाबा के जयकारों से गूंजता रहा। मेले के अवसर पर कडाई महाप्रसाद का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष जेठाराम गहलोत ने बताया कि मंदिर में अलसुबह से प्रारंभ हुआ दर्शनों का क्रम अनवरत रूप से जारी रहा। शाम को मेला संपन्न हुआ। बाबा की प्रतिमा का पूजन, श्रृंगार, आरती कर भोग अर्पित किया गया।
वहीं भाद्रपद चतुर्दशी पर शहर में िस्थत कोडमदेसर भैरव मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान हुए। बाबा की प्रतिमा का अभिषेक, पूजन, श्रृंगार कर महाआरती की गई। मंदिरों में दिन भर दर्शन-पूजन का क्रम चला। तेलीवाड़ा रोड िस्थत विजय भैंरु का अभिषेक पूजन कर महाप्रसाद का भोग अर्पित किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। वहीं सूरदासाणी बगीची, नथानी सराय, झंवरों का चौक, नत्थूसर बास सहित विभिन्न स्थानों पर िस्थत कोडमदेसर भैरव प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना की गई व प्रसाद का वितरण किया गया। हलवा, चावल, दाल, चूरमें का भोग लगाया। इस दौरान मंदिरों में भैरव पाठ, भैरव अष्टोत्तर शतनामावलि, भैरव मंत्र के जाप हुए। श्रद्धालुओं ने भजनों की प्रस्तुतियां दी।