
बीकानेर. शिक्षा विभाग में इस बार व्याख्याता-प्रिंसिपलों के तबादलों में एकल, विधवा महिलाओं, गंभीर बीमारी से पीडि़त तथा निशक्तजनों को भी राहत नहीं मिल पाई है। इन विशेष श्रेणी के व्याख्याताओं व प्रधानाचार्यों का ३०० से ५०० किमी दूर विद्यालयों में स्थानांतरण कर दिया गया। शिक्षामंत्री गोविंद डोटासरा ने एकल व विधवा महिलाओं को गृह जिले में रखने के लिए कहा था, लेकिन इन तबादला सूचियों को देखकर लगता है कि मंत्री अपनी कथनी पर खरे नहीं उतरे। तबादला होने पर एकल व विधवा महिलाओं ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने एेसी महिलाओं को गृह जिले में रखा था, लेकिन ऑनलाइन आवेदन नहीं करने के बावजूद उन्हें ३०० से ५०० किलोमीटर दूर भेज दिया है। इससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मंत्री की डिजायर को तवज्जो नहीं
शिक्षा विभाग में स्थानांतरण में इस बार मंत्री व विधायक की डिजायर को भी शिक्षामंत्री ने तवज्जो नहीं दी है। एेसे में स्थानीय मंत्री व विधायक भी नाराज हैं। मंत्रियों व विधायकों ने जिन शिक्षकों की डिजायर ली थी, वे उनके घर रिश्तेदारों तथा पार्टी के पदाधिकारियों को लेकर पहुंच रहे है और स्थानांतरण नहीं होने पर नाराजगी जता रहे हैं।
पहले कार्यग्रहण,फिर परिवेदना
शिक्षा विभाग की ओर से स्थानांतारण प्रक्रिया में लागू नए नियमों से पिछले लम्बे समय से तबादले का इंतजार कर रहे प्रधानाचार्य व व्याख्याता ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इस प्रक्रिया के तहत विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि स्थानांतरित व्याख्याता व प्रधानाचार्य वर्तमान विद्यालय से कार्यमुक्त होकर नए विद्यालय में पदभार ग्रहण करके ही परिवेदना विभाग को दे सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन नहीं, फिर भी जिले से बाहर
विभाग की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पर भी अंगुली उठने लगी है। जिन प्रधानाचार्यों व व्याख्याताओं ने स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन नहीं किया, उनका भी गृह जिले से बाहर स्थानांतरण कर दिया है। इसको लेकर भी विरोध के स्वर उभरने लगे हैं।
बैकडेट में हो रहे स्थानांतरण
सरकार ने ३० सितंबर तक ही तबादले करने की घोषणा की थी, इसके बावजूद सैकड़ों प्रधानाचार्य एवं व्याख्याताओं की स्थानांतरण की सूचियां बैकडेट में निकाली जा रही हैं। इसको लेकर पूरे शिक्षा विभाग में चर्चा है।
ये हैं केस
केस : 1
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय गुरुद्वारा, रानीबाजार में जीव विज्ञान की व्याख्याता अनुबाला का राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गूंगा (बाड़मेर) में स्थानांतरण किया है। अनुबाला विधवा हैं, जो यहां करीब दो साल से कार्यरत थीं।
केस : 2
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जामसर में अंग्रेजी की व्याख्याता ऋचा रावल को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भानुदा, रतनगढ़ (चूरू) लगाया है। ऋचा एकल महिला हैं। स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं किया था। इस स्कूल में करीब २२ साल से कार्यरत थीं। दूसरे जिले में स्थानांतरण करने से उन्हें परेशानी होगी।