
बीकानेर. उत्तर पश्चिम रेलवे बीकानेर मंडल के रोहतक-भिवानी स्टेशनों के बीच शनिवार को इलेक्ट्रिक ट्रेन का परीक्षण किया गया। रोहतक से भिवानी तक 48 किमी तक 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इंलेक्ट्रिक इंजन के साथ छह कोच की स्पेशल ट्रेन चलाई गई। इसमें रेलवे संरक्षा आयुक्त (पश्चिम) सुशील चंद्रा के साथ रेलवे के अधिकारियों ने सफर किया। स्पेशल ट्रेन रोहतक स्टेशन से शाम सात बजे रवाना होकर आठ बजे भिवानी पहुंची।
यहां प्रस्तावित
इसी माह मनहेरु, भिवानी व हिसार स्टेशन तक करीब 74 किमी तक की विद्युतीकरण लाइन
का सीआरएस निरीक्षण भी प्रस्तावित है।
सुबह हुआ निरीक्षण
संरक्षा आयुक्त ने सुबह दस बजे भिवानी स्टेशन से विशेष निरीक्षण ट्रेन (टावर वेगन) से रोहतक तक नव निर्मित लाइन का अवलोकन किया। इस दौरान भिवानी सिटी, कलानोर, खडक, लाहली होते हुए रोहतक पहुंचे। इसमें शामिल अधिकारियों ने रेलवे ट्रेक, विद्युतीकृत लाइनों व सुरक्षा से संबंधित निरीक्षण किया।
इसके बाद शाम को ट्रेन चलाने की स्वीकृति प्रदान की। उत्तर पश्चिम रेलवे बीकानेर मंडल के प्रबंधक एके.दुबे, अम्बाला के मुख्य परियोजना निदेशक (रेलवे विद्युत) रमेश कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक बीकानेर सीआर कुमावत, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (ट्रेक्शन) राजेन्द्र चौधरी, मुख्य मंडल विद्युत अभियंता टीआर चौधरी, वरिष्ठ मंडल अभियंता एन.के.शर्मा सहित रेलवे के अधिकारी मौजूद रहे।
हनुमानगढ़-सादुलपुर किराया स्पेशल आज से
बीकानेर. उ.प.रेलवे बीकानेर मंडल की ओर से रविवार से हनुमानगढ़ -सादुलपुर के बीच में दो जोड़ी साधारण किराया स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। सी.डीसीएम सीआर कुमावत ने बताया कि हनुमानगढ़ से शाम ०७ बजे रवाना होकर रात ११.१५ बजे सादुलपुर पहुंचेगी।
दूसरी ट्रेन 19 मार्च को दोपहर ०१.५० बजे हनुमानगढ़ से रवाना होकर ६.२० बजे सादुलपुर पहुंचेगी। सादुलपुर से 19 मार्च को सुबह ०५ बजे रवाना होकर सुबह ०९.२० बजे हनुमानगढ़ पहुंचेगी। दूसरी ट्रेन शाम ०७.१० बजे सादुलपुर से चलकर रात ११.१५ बजे हनुमानगढ़ पहुंचेगी।
इस अवधारणा को उन्होंने ५जी का नाम देकर वर्णित किया। साथ ही प्रकृति से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। प्रधानाचार्य डॉ. संगीता सक्सेना ने प्रदूषण निवारण एवं पर्यावरण की महत्ता को समझाया।
प्राकृतिक संसाधनों के संयमपूर्ण उपयोग पर बल
बीकानेर ञ्च पत्रिका. महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें तकनीकी शिक्षा निदेशालय के निदेशक आचार्य दरिया सिंह यादव ने व्याख्यान में गणेशजी, गोपाल, गाय, गंगा एवं गौरी के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के संयमपूर्ण उपयोग पर बल दिया।
इस अवधारणा को उन्होंने ५जी का नाम देकर वर्णित किया। साथ ही प्रकृति से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। प्रधानाचार्य डॉ. संगीता सक्सेना ने प्रदूषण निवारण एवं पर्यावरण की महत्ता को समझाया।