नौ स्वरूपों की पूजा-आराधना
अथर्ववेद में कहा गया है कि पृथ्वी के साथ समस्त देवी-देवताओं की अधिष्ठात्री भगवती दुर्गा हैं, इसलिए नवरात्र में विधि-विधान के साथ देवी की आराधना करने से सभी देवी-देवताओं की पूजा का फल मिलता है। नवरात्र में देवी भगवती के नौ स्वरूपों की क्रम से पूजा-आराधना की जाती है। ये नौ स्वरुप हैं-शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंधमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री।