पांच अपराधियों के खिलाफ फर्जी हथियार लाइसेंस बनाने का मुकदमा दर्ज, बीकानेर सहित कई जगह सप्लाई किए हथियार
नागालैंड के फर्जी लाइसेंस से हथियार रखने की आग की लपटों ने बीकानेर को घेर लिया है। पुलिस जांच में भी खुलासा हो चुका है कि नागालैंड के फर्जी लाइसेंस हथियार सर्वाधिक बीकानेर में है।उदयपुर में मामले का खुलासा होने के बाद बीकानेर पुलिस ने पांच व्यक्तियों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर स्वयं को नागालैंड का निवासी बताते हुए फर्जी लाइसेंस बनाने का मामला दर्ज किया है। यह मामला सोमवार को पुलिस परामर्श एवं सहायता केन्द्र के एएसपी सुरेन्द्रसिंह की रिपोर्ट के आधार पर नयाशहर थाने में दर्ज किया गया है।
पुलिस के लिए चुनौती
अवैध हथियारों के कारोबार पर अंकुश लगाना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण है। पुलिस की धरपकड़ के बावजूद हर साल हथियार तस्करी के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। पुलिस ने समयरहते इन पर काबू नहीं पाया तो आगामी सालों में बीकानेर की शांति को खतरे की आशंका है। विदित रहे कि श्रीगंगानगर जिले के सात एलसी निवासी भजनलाल को पुलिस ने पकड़ा तो उसने काफी राज खोले थे।
बीकानेर की सदर, जेएनवीसी, नाल और नयाशहर पुलिस ने जिन लोगों को पकड़ा उन्होंने भजनलाल से हथियार खरीदना स्वीकार किया था। भजनलाल बीकानेर सहित श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले में हथियार सप्लाई भी कर चुका है।
अब मचा हड़कंप
फर्जी लाईसेंसों के दम पर हथियार रखने वाले बीकानेर में करीब सौ से अधिक लोग हैं। जिनमें हड़कंप मचा हुआ है। उदयपुर ? पुलिस की सूचना पर बीकानेर पुलिस जल्द ही इनको निगरानी में लेकर पूछताछ करेगी। फर्जी लाइसेंस प्रकरण का भंडाफोड़ होने के बाद हथियार रखने वालों में हड़कंम मच गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार ८० लोगों की नामजद सूची तैयार कर ली है, जिनके पास अवैध हथियार हैं।
पिछड़ गई बीकानेर पुलिस
अवैध हथियार एवं हथियारों के फर्जी लाइसेंस के मामले में बीकानेर पुलिस पिछड़ गई। बीकानेर पुलिस अवैध हथियार एवं फर्जी लाइसेंस बनवाने वालों का खुलासा कर सकती थी लेकिन ढिलाई के चलते नहीं हो पाया। बीकानेर के शराब माफियाओं के अलावा हिस्ट्रीशीटरों, जुआ माफिया समेत ऊंचे रसूखात वाले आपराधिक तत्वों के पास अवैध हथियार है। उदासनीता के चलते बीकानेर पुलिस यह उपलब्धि अपने खाते में दर्ज नहीं करवा पाई।
हालांकि बीकानेर पुलिस परामर्श एवं सहायता केन्द्र के एएसपी सुरेन्द्र सिंह ने मामले की जांच की। कई लोगों की सूची भी तैयार कर पुलिस अधीक्षक को सौंप दी है। इसी बीच, जयपुर एटीएस ने इस मामले का खुलासा करते हुए जांच कार्रवाई उदयपुर पुलिस को सौंपी। उदयपुर पुलिस ने मुख्य सरगना सहित तीन जनों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया। गिरफ्तार मुख्य सरगना के मुताबिक उसने प्रदेश में ५०० से अधिक फर्जी लाइसेंस बनवाए हैं। सर्वाधिक फर्जी लाइसेंस बीकानेर, जयपुर, सीकर के बनवाए हैं।
80 लोगों की सूची तैयार, नहीं बख्शेंगे
हथियारों के फर्जी लाइसेंस नागालैंड से बनवाने के मामले की जांच एएसपी सुरेन्द्रसिंह कर रहे थे। उन्होंने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर सोमवार को नयाशहर थाने में फर्जी दस्तावेज तैयार कर नागालैंड से हथियार का लाइसेंस बनवाने पर पांच व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने ऐसे ८० लोगों की सूची तैयार कर ली है, जिनके पास फर्जी लाइसेंसी हथियार है। पुलिस इनकी बारीकी से जांच-पड़ताल कर रही है। सभी के खिलाफ काननून कार्रवाई की जाएगी।
सवाईसिंह गोदारा, पुलिस अधीक्षक, बीकानेर।
वर्ष दर्ज मामले तस्कर पकड़े जब्त हथियार
2015 46 56 54
2016 5 9 68 5 9
2017 74 84 9 1 (अगस्त तक)