बीकानेर

समर्थन मूल्य की मांग को लेकर जगह-जगह किसान कर रहे धरने-प्रदर्शन

मूंगफली की समर्थन मूल्य पर खरीद की सीमा 25 क्विंटल से बढ़ाने सहित कई मांग कर रहे किसान

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Oct 24, 2017

गिरदावरी के अनुसार मूंगफली की खरीद करने व 25 क्विंटल की बाध्यता को समाप्त करने सहित अन्य मांगों को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से धरना दिया गया। कृषि उपज मण्डी परिसर के खरीद केन्द्र के समक्ष दिए गए धरने के दौरान सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार अपने वादे के अनुसार जिले में मूंगफली की खरीद के लिए 14 खरीद केन्द्र शीघ्र शुरू करे। वहीं मूंगफली की खरीद के लिए भामाशाह कार्ड की अनिवार्यता को समाप्त कर किसानों को राहत प्रदान करने की भी मांग की गई।

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रति गिरदावरी सरकार महज 25 क्विंटल मूंगफली की ही खरीद कर रही है जबकि प्रति गिरदावरी करीब 100 क्विंटल से अधिक मूंगफली का उत्पादन होता है। गिरदावरी के अनुसार मूंगफली की खरीद करने की भी मांग की गई। धरने के दौरान सभा के प्रतिनिधि मंडल की ओर से जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। सभा सचिव जेठाराम लाखूसर के अनुसार कलक्टर ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया।

ये रखी मांगे
अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी बीकानेर ग्रामीण की ओर से मुख्यमंत्री के नाम भेजे गए ज्ञापन में मूंगफली की खरीद पर अधिकतम 25 क्विंटल मूंगफली खरीद की बाध्यता को समाप्त कर गिरदावरी के अनुसार मूंगफली की खरीद करने, बीकानेर में सरकारी घोषणा के अनुसार 14 मूंगफली खरीद केन्द्र शुरू करने, मूंगफली खरीद रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए भामाशाह कार्ड की बाध्यता को समाप्त करने, मूंगफली खरीद केन्द्रों पर सरकारी दिशा निर्देशों के चार्ट चस्पा करवाने तथा ई मित्रों में रजिस्ट्रेशन करते समय किसान को अपनी फसल लाने का ऑप्शन दिया गया है, उसी के अनुसार किसानों से फसल मंगवाने की मांगे की गई।

ये रहे उपस्थित
एक दिवसीय चेतावनी धरने में सभा के जिला मंत्री जेठाराम लाखूसर, अंजनी कुमार शर्मा, बजरंग छींपा, भरत कस्वां, सरपंच प्रभुराम गोदारा, तोलाराम, दीपाराम भादू, फूसाराम बिजारणिया, सहीराम सारण, खेताराम, भंवर आचार्य, रामदेव मूण्ड सहित बड़ी संख्या में सभा पदाधिकारी एवं किसान शामिल हुए। 11 सदस्य प्रतिनिधि मंडल की ओर से कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा गया।

किसान सभा की महापंचायत 27 को
अखिल भारतीय किसान सभा की जिला शाखा की ओर से 27 अक्टूबर को जिले में किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। सभा के जिलाध्यक्ष गिरधारी महिया के अनुसार सरकार तथा प्रशासन किसानों की मांगों को अनसुना किए हुए हैं। किसान परेशान और आक्रोशित हैं। महिया के अनुसार मूंगफली खरीद की 25 क्विंटल की बाध्यता समाप्त करने, भामाशाह की अनिवार्यता को समाप्त करने, गिरदावरी के अनुसार मूंगफली की खरीद करने आदि मांगों पर गौर नहीं किया गया तो 27 अक्टूबर को जिले में उपखण्ड कार्यालयों व जिला मुख्यालय पर कलक्टर कार्यालय के समक्ष किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा।

लूणकरनसर में लगाया धरना
मूंगफली की सरकारी खरीद के मुद्दों को लेकर सोमवार को नई अनाज मण्डी में किसानों ने धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। सरकारी समर्थन मूल्य पर मूंगफली की खरीद शुरू करने, 25 क्विंटल के बजाय पूरी उपज खरीदने, भामाशाह कार्ड की अनिवार्यता खत्म करने समेत कई मांगों को लेकर किसानों ने अनाज मण्डी में धरना दिया। धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने चेताया कि यदि उनकी मूंगफली की खरीद समर्थन मूल्य पर नहीं हुई तो सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। माकपा नेता लालचंद भादू, केवीएसएस के चैयरमेन लाधूराम थालोड़, शेखसर ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष देवीगर गोस्वामी, मदनदास स्वामी, भैराराम गोदारा, इन्द्राज धायल, धर्मवीर गोदारा, मांगीलाल गोदारा, रामप्रताप मेघवाल संबोधित किया।

मूंग व मूंगफली की सरकारी खरीद हो
छतरगढ़. अखिल भारतीय किसान सभा ने मूंगफली खरीद सीमा समाप्त करने एवं मूंग व मूंगफली के समर्थन मूल्य पर खरीद में गिरदावरी के आधार करने को लेकर छतरगढ़ एसडीएम सबीना बिश्नोई को ज्ञापन सौंपा। जिला कमेटी सदस्य घेवरराम मेघवाल के नेतृत्व में किसानों ने ज्ञापन में बताया कि राज्य सरकार ने मूंग व मूंगफली की सरकारी खरीद केन्द्र छतरगढ में खोला है लेकिन, किसानों को कोई लाभ नहीं हो रहा। मूंग व मूंगफली की खरीद गिरदावरी के आधार पर करवाई जाए व भामाशाह कार्ड की अनिवार्यता समाप्त कि जाए। ज्ञापन देने वालों में एसएफआई छात्र नेता ओमप्रकाश मेहरडा, राज्य कार्यकारिणी सदस्य हनुमान मेघवाल, जितेन्द्र तंवर, अनोपाराम नाई, एडवोकेट महेन्द्र सेन आदि शामिल थे।

नोखा में किसानों ने किया प्रदर्शन
नोखा. मूंग व मूंगफली की खरीद गिरदावरी के आधार पर करने की मांग को लेकर सोमवार को कांग्रेस व अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। समर्थन मूल्य पर अभी नोखा के केन्द्र में प्रति किसान 25 क्विंटलकी सीमा तय है। प्रदर्शन में शामिल प्रतिनिधियों ने इसे अपर्याप्त बताया। प्रदर्शन के बाद उपखंड अधिकारी कन्हैयालाल सोनगरा को ज्ञापन सौंपा गया। इससे पूर्व किसानों ने उपखंड कार्यालय के समक्ष धरना भी दिया।

नोखा में मूंग व मूंगफली की समर्थन मूल्य पर खरीद नोखा तहसील क्रय विक्रय सहकारी समिति के माध्यम से की जा रही है। प्रदर्शन में शामिल किसान एवं खेत मजदूर कांग्रेस अध्यक्ष जगदीशचन्द्र खीचड़, जेठाराम गोदारा, चेतनराम सियाग, भंवरलाल गोरछिया, राजाराम विश्नोई, चेतनराम गोदारा आदि ने उपखंड अधिकारी को बताया कि मात्र 25 क्विंटल खरीद की सीमा होने के कारण किसान अपनी शेष उपज को खुले बाजार में सस्ते में बेचने को मजबूर हैं।

खरीद के टोकन के लिए आधार कार्ड और बैंक के माध्यम से भुगतान की शर्त मंजूर है लेकिन भामाशाह कार्ड की अनिवार्यता के कारण किसानों को बेवजह परेशानी हो रही है। किसानों ने मोठ व ग्वार का समर्थन मूल्य भी घोषित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में गणपतराम बिश्नोई, मूलाराम मेघवाल, रुघनाथराम बिश्नोई, रामस्वरूप तडऱ्, हेतराम बिश्नोई बंधाला, ईश्वरराम लोल, मोहनराम काकड़, नेमङ्क्षसह राजपुरोहित, पीराराम नाई, पूर्व प्रधान मोडाराम मेघवाल, छोगाराम ङ्क्षरटोड़, रामनिवास लोल, मुरली गोदारा आदि शामिल थे। किसानों ने मांगों पर सुनवाई नहीं होने पर २ नवम्बर से आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

मूल्य की अंतर राशि मिले किसान को
पूर्व संसदीय सचिव कन्हैयालाल झंवर ने केन्द्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मूंगफली की समर्थन मूल्य खरीद व बाजार मूल्य की अंतर राशि किसानों को देने का सुझाव दिया है। झंवर ने पत्र में कहा कि गुजरात व मध्यप्रदेश दोनों राज्यों में किसानों को उनकी फसलों पर जो समर्थन मूल्य तय किया गया है, उसकी अंतर राशि दी जाती है। जबकि राजस्थान में ऐसा नहीं है।

कम दाम पर बेच रहे मूंग और मूंगफली
खाजूवाला. मूंग और मूंगफली की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों को नुकसान हो रहा है। उपखण्ड क्षेत्र के खेतों में मूंग कटाई चल रही है लेकिन, समर्थन मूल्य पर सरकारी केंद्र नहीं खुलने से किसान मजबूरी में औने पौने दामों पर फसल बेच रहे है।क्षेत्र के किसानों ने राज्य सरकार और उपखण्ड प्रशासन से सरकारी केंद्र खोलने की मांग की है। किसानों ने शीघ्र ही आंदोलन शुरू करने के लिए सम्पर्क करना शुरू किया है।

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Published on:
24 Oct 2017 01:35 pm
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