
बीकानेर . दिव्य आयु हेल्थ ट्रस्ट की ओर से रविवार को पवनपुरी स्थित आयुमंत्रा आयुर्वेदिक एवं पंचकर्म केन्द्र में तीन दिवसीय जोड़ों के दर्द संबंधी नि:शुल्क आयुर्वेदिक शिविर शुरू हुआ। शिविर का उद्घाटन यूआईटी के चेयरमैन महावीर रांका, स्काउट एंड गाइड़ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. विमला ढुकवाल व वेटरनरी यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ. एके गहलोत ने किया।
ट्रस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मगनलाल चांडक ने बताया कि शिविर के पहले दिन 155 रोगियों का डॉ. प्रीति गुप्ता ने नाड़ी परीक्षण कर उपचार किया। 17 अक्टूबर तक चलने वाले नि:शुल्क शिविर में जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, घुटने व गर्दन के दर्द, साइटिका, गैस, गठिया, स्लिप ***** व अन्य रोगों के लिए नि:शुल्क परामर्श व नि:शुल्क औषधि का वितरण किया जाएगा। शिविर में भाजपा शहर उपाध्यक्ष भूपेन्द्र शर्मा, पार्षद भगवती गोड़, जमन लाल, नृसिंह, घनश्याम कल्याणी आदि उपस्थित थे।
नि:शुल्क चिकित्सा शिविर 28 को
बीकानेर. जिला उद्योग संघ एवं आचार्य नानेश रोटरी नेत्र चिकित्सालय गंगाशहर के संयुक्त तत्वाधान में 28 अक्टूबर को जिला उद्योग संघ परिसर रानीबाजार नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाएगा।संघ के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पचीसिया ने बताया कि निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर के माध्यम से जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों एवं उनके परिवारों एवं आमजन के नेत्रों की जांच की जाएगी। रोटरी क्लब अध्यक्ष किशन मूंधड़ा व अरुण गुप्ता ने बताया कि चयनित रोगियों का ऑपरेशन 29 अक्टूबर को आचार्य नानेश रोटरी नेत्र चिकित्सालय गंगाशहर में रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जोशी करेंगे।
एनएसएस विशेष शिविर का समापन
बीकानेर. बीजेएस रामपुरियाा महाविद्यालय की दोनों एनएसएस इकाइयों की ओर से रविवार को धनीनाथ पंच मंदिर स्थित सभागार में विशेष शिविर का समापन हुआ। मुख्य अतिथि नेहरू युवा केन्द्र युवा समन्वयक जेएल पंवार ने बड़े लक्ष्य के साथ जीवन में सफल होने की बात कहीं।
मुख्य वक्ता मोटिवेशनल गुरु डॉ. चक्रवर्तीनारायण श्रीमाली ने कहा कि लक्ष्य को सही दिशा में ले जाने से ही सफलता हासिल होती है। कार्यक्रम अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. पंकज जैन ने कहा कि पढ़ाई के साथ सहशैक्षिणक गतिविधियों में हिस्सा लेकर अपना सर्वागीण विकास करें। महाविद्यालय के डॉ. चन्द्रशेखर श्रीमाली ने बताया कि सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर श्रमदान के माध्यम से साफ -सफ ाई की।