पशुओं की प्यास बुझाने और पेड़-पौधों को सिंचित करने के लिए महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में गंगा सरोवर का निर्माण किया जाएगा।
पशुओं की प्यास बुझाने और पेड़-पौधों को सिंचित करने के लिए महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में गंगा सरोवर का निर्माण किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने अपने स्तर पर ही गंगा सरोवर का निर्माण करवाने का निर्णय किया है।
सरोवर के निर्माण पर करीब 40 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। जानकारी के अनुसार सरोवर में बारिश का पानी इकट्ठा होगा, जिसका सबसे ज्यादा फायदा विश्वविद्यालय में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए होगा।
साथ ही यहां गोचर भूमि में रहने वाले पशु-पक्षियों को पानी की भरपूर उपलब्धता होगी। विश्वविद्यालय के पुस्तकालय के पास बनने वाला यह सरोवर पचास मीटर लंबा व पचास मीटर चौड़ा होगा। विश्वविद्यालय इस बारिश के सीजन में ही इसका निर्माण शुरू करवाने का प्रयास करेगा, ताकि इस साल से सरोवर में पानी इकट्ठा हो जाए।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि सरोवर निर्माण के लिए यह जगह सही है, क्योंकि यहीं पशु-पक्षी ज्यादा आते हैं। ये पशु-पक्षी पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते रहते हैं, इसलिए विश्वविद्यालय इनको पानी के लिए सरोवर बनवा रहा है।
बड़ी संख्या में पशु-पक्षी विचरण
विश्वविद्यालय की चारदीवारी में बड़ी संख्या में पशु-पक्षियों के आवास हैं। इनमें 70 से अधिक चिंकारा, 35 से अधिक लोमड़ी, 30 से अधिक मरु बिल्ली तथा 70 प्रजातियों के पक्षी हैं।
मिलेगा फायदा
इस बारिश के सीजन में ही गंगा सरोवर के निर्माण का प्रयास किया जाएगा। इस सरोवर से यहां पशु-पक्षियों व पेड़-पौधों को पानी की उपलब्धता रहेगी।
प्रो. भागीरथसिंह बिजारणियां, कुलपति, एमजीएसयू बीकानेर