मोहल्लों से मुख्य मार्गों तक चैंबर निर्माण के लिए खोदी सड़कें, मिट्टी के ढेर से हो रहा है कीचड़, सड़कों के बीच बेरिकेडिंग से यातायात भी हो रहा प्रभावित
बीकानेर. बारिश का सीजन सिर पर होने के बावजूद पहले अमृत योजना के तहत सीवरेज लाइन के लिए पूरे शहर को एक साथ खोद डाला। चैम्बर निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए। सड़कों पर मिट्टी के ढेर और बीच सड़क बेरिकेडिंग खड़े हो गए। अब बारिश शुरू होने पर मानसून सीजन की अनदेखी करने की गलती का अहसास हुआ है। जिला प्रशासन के निर्देश पर ठेकेदार फर्म ने सीवरेज निर्माण कार्य स्थगित कर दिया है। खोदकर छोड़ी सड़कों और आधे-अधूरे चैम्बर आदि से जनता को हो रही परेशानी अपनी जगह बरकरार है।
भुगतान उठाने की जल्दबाजी का नतीजा
सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत शहर की पूर्व और पश्चिम दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कार्य चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक 265 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट स्वीकृत है। फर्म को कार्य का ब्लॉकवार विभाजन कर एक ब्लॉक में कार्य शुरू कर, उसे पूरा करने के बाद दूसरी जगह काम शुरू करना चाहिए था। इससे जनता को परेशानी नहीं होती। जहां सड़कें खोदी जाती, पीछे-पीछे नई सड़क का निर्माण कर दिया जाता। जबकि एक साथ पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया। भुगतान उठाने की जल्दबाजी में कार्य का फैलाव ज्यादा से ज्यादा करना परेशानी की वजह बना है।
9500 गड्ढे बनेंगे, अब तक खोदे 1325
अमृत योजना के तहत शहर में नई सीवर लाइन बिछाने के साथ एक एसटीपी और दो सीवरेज पंपिंग स्टेशन का भी निर्माण किया जाना है।निगम अभियंता व प्रोजेक्ट प्रबंधक के अनुसार अब तक शहर में 1325 चैंबरों के निर्माण के लिए गड्ढे खोदे जा चुके हैं। अधिकतर स्थानों पर चैंबर निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है। प्रोजेक्ट के तहत कुल 9500 सीवर चैंबर का निर्माण किया जाना है।
मानसून की अनदेखी अब पड़ रही भारी
बरसात का सीजन पहले से तय था। प्रशासन और प्रोजेक्ट निर्माण में कार्य करने वाली फर्म की ओर से मानसून की अनदेखी करना अब भारी पड़ रहा है। बरसातें होनी शुरू होने के बाद भी शहर में सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत गड्ढ़े खोदने का कार्य चलता रहा। आमजन को परेशानी होने लगी और जनप्रतिनिधियों और जनता ने आवाज उठानी शुरू की तब जाकर होश आया। राजस्थान पत्रिका ने भी मानसून के दौरान गड्ढों में पानी भरने, हादसों की आशंका, यातायात में हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया। आखिर निर्माण कार्य स्थगित करने पड़े है।
चैंबर की ठोकर, गड्ढे व मिट्टी के ढेर
हकीकत यह है कि प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कार्यों से आमजन परेशान है। सीवर चैंबर निर्माण के लिए खोदे गड्ढों पर भले ही चैंबर निर्माण शुरू करने का दावा किया गया है, लेकिन हकीकत में चैंबर मौजूदा सड़क के लेवल से ऊपर होने से ठोकर बन गई है। कुछ जगह चैंबर के लिए खोदे गड्ढों को भरने के लिए डाली मिट्टी को समतल नहीं किया गया है। कई स्थानों पर गड्ढे के चारों तरफ बेरिकेडिंग से यातायात प्रभावित हो रहा है।
फर्म का दावा...टीम 24 घंटे मुस्तैद
जिला प्रशासन व नगर निगम के निर्देश पर सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कार्यों को स्थगित किया है। निर्माता फर्म टेक्नोक्राफ्ट कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट मैनेजर समीर सैंगर ने दावा किया कि जहां-जहां चैंबर का निर्माण हुआ, वहां मिट्टी डालकर खाली जगह को पाट दिया गया है। सुरक्षा के लिए गड्ढ़ों के चारों तरफ बेरिकेडिंग की गई है। शहर में 24 घंटे टीम मुस्तैद है। परेशानी होने की सूचना मिलते ही टीम समस्या का निवारण करने पहुंच जाती है।