राजनीतिक मैसेज: बजट में लूणकरनसर व श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र को सर्वाधिक मिला तथा नोखा विधानसभा को सबसे कम दिया। इससे विस. चुनाव में जनता से जितना मिला, उतना रिर्टन देने संदेश दिया...। प्रदेश में अहमियत: पहली बार प्रदेश में बने रहे 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे में से एक बीकानेर को देकर सरकार ने बीकानेर की अहमियत दी। सबसे बड़ी राशि: गंदे पानी की समस्या समाधान के लिए बीकानेर शहर को 100 करोड़ रुपए देने की घोषणा राशि के लिहाज से सबसे बड़ी है।
बीकानेर. भाजपा सरकार का पहला पूर्ण बजट बुधवार को जिले के लिए कई सौगात लेकर आया। तेजी से लग रहे सोलर प्लांटों को देखते हुए सरकार ने छतरगढ़-पूगल और बीकानेर सोलर पार्क बनाने की घोषणा की है। इसी के साथ ही लूणकरनसर और नापासर को नगर पालिका का दर्जा दिया है। बीकानेर शहर की गंदे पानी की समस्या का स्थाई समाधान के लिए 100 करोड़ रुपए की राशि देना और बीकानेर से कोटपुतली तक 295 किलोमीटर लम्बा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए डीपीआर बनाने की घोषणा सबसे ज्यादा चर्चा में है।
बीकानेर के लोगों की बहुप्रतिक्षित कई मांगों पर सरकार ने गौर किया है। इनमें सिरेमिक हब को लेकर सरकार ने बजट में रिसर्च सेंटर तथा सिरेमिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की घोषणा की है। जबकि बीकानेर की रेलवे फाटकों की समस्या पर सरकार का रूख तथा कंटनेर डिपो (ड्राईपोर्ट) की पिछले बजट की घोषणा का भविष्य तलाश रहे सवालों का जवाब बजट स्पीच में नहीं मिला।
विधानसभा चुनाव में जिले की सात में से छह सीटें भाजपा की झोली में आई। इसका राजनीतिक मैसेज भी बजट के माध्यम से देने का प्रयास किया गया है। कांग्रेस के पास गई नोखा सीट को बजट घोषणाओं में कुछ नहीं मिला। वहीं कड़ी टक्कर से जीतने वाली लूणकरनसर और श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा को सबसे ज्यादा तव्वजो मिली है। बीकानेर शहर की दोनों सीटों पर भाजपा ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की, ऐसे में बजट में भी बड़ा महत्व मिला है।
-प्रत्येक विधानसभा में 20-20 हैंड पम्प और 10-10 ट्यूबवैल निर्माण के लिए देने की घोषणा का सभी सातों विधानसभा क्षेत्र के लोगों को फायदा मिलेगा।
- पूगल, छतरगढ़ व बीकानेर में सोलर पार्क विकसित करने का कार्य सरकार ने हाथ में लेने की घोषणा की है।
- कोलायत के नौखड़ा में 220 केवी जीएसएस निर्माण कराने की घोषणा भी की गई है।
-श्रीडूंगरगढ़ के गुसाईसर बड़ा एवं ठुकरियासर, कोलायत के केहरली, लूणकरनसर के महाजन, खाजूवाला के दंतोर में 132 केवी के जीएसएस स्थापित होंगे।
- लूणकरनसर में सहायक अभियंता विद्युत निगम का कार्यालय खोला जाएगा।
- लूणकरनसर-ढाणी भोपालाराम-सहजरासर सड़क (एमडीआर-298) 16 किमी के निर्माण पर 24 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान रखा है।
- मिसिंग लिंक कालू रोड श्रीडूंगरगढ़ से पूनरासर वाया समन्दसर (22 किमी.) के निर्माण पर 7.70 करोड़ रुपए खर्च करेंगे।
- डूंगरगढ़ क्षेत्र के बीर बिग्गाजी मन्दिर से तोलियासर मिसिंग लिंक सड़क (9.8 किमी.) पर 3 करोड़ 43 लाख रुपए खर्च करेंगे।
- खाजूवाला क्षेत्र में 682 आरडी पूगल से आडूरी होकर मकेरी सड़क की चौड़ाई बढ़ाने एवं नवीनीकरण कार्य (29 किमी.) पर 23 करोड़ 20 लाख रुपए खर्च होंगे।
- कोलायत क्षेत्र में भूरासर से आनन्दगढ़ वाया 28 केएलडी, गोकुलगढ़ तक सड़क निर्माण (16 किमी.) पर 16 करोड़ रुपए खर्च का प्रावधान।
- बीकानेर में पवनपुरी नागनेचेजी माताजी मन्दिर के सामने रेलवे ओवरब्रिज निर्माण करने पर 40 करोड़ रुपए खर्च करेंगे।
- श्रीडूंगरगढ़ में एलसी 224 पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए 44 करोड़ 33 लाख रुपए दिए हैं।
- लूणकरनसर कस्बे में टू लेन रेलवे अंडरपास निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
- परसनेऊ-बिग्गा रेलवे स्टेशन के मध्य रेलवे अंडरब्रिज बनाने पर 10 करोड़ 95 लाख रुपए खर्च होंगे।ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे
- बीकानेर से कोटपूतली 295 किलोमीटर लम्बा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए डीपीआर बनाई जाएगी। प्रदेश में पहली बार 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बन रहे है। इनमें एक जिले को मिला है।
- लूणकरनसर और नापासर को नगर पालिका बनाने की घोषणा की गई है। अभी दोनों ग्राम पंचायत है।
- बीकानेर शहर में एकत्रित होने वाले गन्दे पानी के स्थायी समाधान का कार्य कराने के लिए 100 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
-प्रत्येक नगरीय निकाय को 65 करोड़ रुपए की लागत से फायर बिग्रेड उपलब्ध कराई जाएगी। इस घोषणा का फायदा बीकानेर नगर निगम, देशनोक, खाजूवाला, नोखा और श्रीडूंगरगढ़ नगर पालिका को मिलेगा।
- श्रीडूंगरगढ़ में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान स्वीकृत किया गया है। इस पर 25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
-श्रीडूंगरगढ़ में बस स्टैण्ड निर्माण संबंंधी कार्य कराया जाएगा। हालांकि पिछले बजट में भी यहां बस स्टैण्ड निर्माण की घोषणा की गई थी।
- बीकानेर में शहरी ट्रांसपोर्ट को सुदृढ़ करने के लिए इलेक्ट्रोनिक सिटी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। ई- बसों के सुगम संचालन के लिए चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे।
-राज्य अभिलेखागार बीकानेर में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से ऐतिहासिक दस्तावेजों का डिजिटलाइजेेशन कराया जाएगा।
- बीकानेर समेत प्रदेश के छह शहरों में पार्क विकास एवं पौधरोपण पर 175 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
- युवाओं के लिए बीकानेर समेत चार शहरों में एक हजार करोड़ रुपए की लागत से अटल इनोवेशन स्टूडियो और एक्सीलेटर मिशन का निर्माण किया जाएगा।
- बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज का उन्नयन कर राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरआईटी) स्थापित किया जाएगा।- बीकानेर आईटीआई में थ्री डी प्रिंटिंग, फाइबर टू होम, इंटरनेट ऑफ थिंक्स जैसे नए ट्रेड दिए है।
- बीकानेर पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में कम्प्यूटर साइंस, इलेक्टि्रकल, सिविल, माइनिंग इंजीनियरिंग ब्रांच खोली जाएगी।
- संभाग मुख्यालय पर स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपए दिए है।
- संभाग स्तर पर बालिका सैनिक स्कूल की स्थापना की गई है।
- बीकानेर समेत प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलजों में स्पाइनल इंजरी सेंटर की स्थापना पर 10 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे।
- सेटेलाइट जिला अस्पताल बीकानेर के उन्नयन एवं आधारभूत सुविधाओं को विकसित करने की घोषणा की है।
- गंगाशहर सेटेलाइट अस्पताल में प्रसव वार्ड की स्थापना की घोषणा भी सरकार ने की है।
- लूणकरनसर, खाजूवाला, बज्जू के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को उप जिला चिकित्सालयों में क्रमोन्नत।
- नोखा जिला अस्पताल और कोलायत उप जिला अस्पताल के भवनों का निर्माण होगा।
- प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच-पांच नए आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जाएंगे।उद्योग- बीकानेर में सिरेमिक पार्क स्थापित किया जाएगा। सिरेमिक हब की मांग लम्बे समय से की जा रही है।
- बीकानेर में अतिरिक्त निदेशक (खान) का कार्यालय स्थापित किया जाएगा।
- इंदिरा गांधी नहर परियोजना में स्काडा सिस्टम की स्थापना के लिए 23 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान है।
- बीकानेर में मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट को अपग्रेड करने व सुदृढीकरण किया जाएगा।- बीकोनर में रिसर्च एवं डवलपमेंट की दृष्टि से सिरेमिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना।- कपिल सरोवर कोलायत के सौन्दर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं को विकसित करेंगे।